27 सीकेटीपी-05-परिक्रमा मार्ग में श्रद्धालुओं की भीड़। संवाद
चित्रकूट। अमावस्या मेला समेत अन्य पर्वों पर श्रद्धालुओं की लगातार संख्या में वृद्धि हो रही है। बढ़ती संख्या को देख प्रशासन इनकी सुरक्षा के लिए चिंतित है। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब चयनित संवेदनशील इलाकों में कैमरों से निगरानी की जाएगी। सभी कैमरों को एक केंद्रीकृत नियंत्रण कक्ष से जोड़ा जाएगा, जिससे पूरे क्षेत्र की 24 घंटे निगरानी की जा सकेगी।
वर्तमान में 13 महत्वपूर्ण स्थानों पर 55 सीसीटीवी कैमरे स्थापित हैं। इनके जरिये शहर के प्रमुख क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। हालांकि, धर्मनगरी के हृदय स्थल रामघाट और परिक्रमा मार्ग जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर अभी तक सीसीटीवी कैमरों की कमी थी। रामघाट और परिक्रमा मार्ग पर अक्सर चोरी और लूट जैसी आपराधिक घटनाएं सामने आती रहती हैं, जिससे श्रद्धालुओं को असुविधा और असुरक्षा का अनुभव होता है।
जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था परखीं। मुआयने में सुरक्षा में कुछ कमी पाई। इसे पूरा करने के लिए अब उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में 40 नए सीसीटीवी कैमरे लगाने का फैसला लिया। ये नए कैमरे रामघाट और परिक्रमा मार्ग पर लगाए जाएंगे। इससे धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी।
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नियंत्रण कक्ष की स्थापना से बेहतर निगरानी
कैमरों की स्थापना के साथ-साथ, एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया जाएगा। यह नियंत्रण कक्ष इन सभी कैमरों से प्राप्त फुटेज की लगातार निगरानी करेगा। इससे किसी भी घटना पर त्वरित प्रतिक्रिया देना संभव होगा और अपराधियों को रंगे हाथों पकड़ने में मदद मिलेगी। इस पहल से चित्रकूट एक सुरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।
बोले जिम्मेदार-
जरूरी स्थानों पर नए कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए है। नई निगरानी व्यवस्था लागू होने से अमावस्या मेला सहित वर्षभर आने वाले श्रद्धालुओं को अधिक सुरक्षित वातावरण मिलेगा और धर्मनगरी की सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक सुदृढ़ होगी।
- पुलकित गर्ग , जिलाधिकारी