चित्रकूट। बिजली चोरी के आरोप में न्यायिक हिरासत में चल रहे संतराम को विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) राम मणि पाठक की अदालत ने जमानत दे दी है। अदालत ने उन्हें 25 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की एक जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
राजापुर थाना क्षेत्र के बरद्वारा सरधुआ निवासी संतराम के घर 17 अगस्त 2022 को सुबह 9:30 बजे बिजली विभाग के प्रवर्तन दल ने छापा मारा था। जांच में टीम ने उनके कनेक्शन संख्या 781707410580 पर मीटर नहीं पाया गया। विभाग ने बताया कि 27 अप्रैल 2022 को 1,19,427 रुपये बकाया होने के कारण उनका कनेक्शन काट दिया गया था।
हालांकि, जांच में पाया गया कि संतराम ने बिना बिजली बिल का भुगतान किए और बिना विभागीय अनुमति के एलटी लाइन से दोबारा कनेक्शन जोड़कर बिजली का उपभोग किया। इस मामले में विभाग ने आरोपी संतराम के खिलाफ भारतीय विद्युत अधिनियम की धारा 138(1)बी के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
विवेचक ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। इस मामले में अधिवक्ता ने न्यायालय में आरोपी संतराम की जमानत अर्जी डाली थी। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने अदालत में तर्क दिया कि आरोपी संतराम निर्दोष हैं और उन पर झूठा आरोप लगाया गया है। संतराम का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है।
अदालत को यह भी बताया कि संतराम ने 19 दिसंबर 2023 को 16,943 रुपये और 11 अप्रैल 2026 को 637 रुपये का बिजली बिल जमा किया है। अदालत ने पाया कि आरोपी पर लगा अपराध शमनीय प्रकृति का है और सात साल से कम की सजा से दंडनीय है।
मामले के निस्तारण में समय लग सकता है, इन तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) राम मणि पाठक ने जमानत याचिका स्वीकार कर ली।