चित्रकूट में जानकारी देते कामदगिरी मंदिर ट्रस्ट के संत मदनगोपाल दास। संवाद
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चित्रकूट। लिव इन रिलेशन व लव जिहाद के खिलाफ संत समाज ने हुंकार भरी है। इसके विरोध में समाज सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा।
सोमवार को कामदगिरि मंदिर ट्रस्ट के कार्यालय में संत मदन गोपाल दास ने कहा कि धर्म क्षेत्र में खनन कार्य शुरू कर दिया गया। इसका विरोध किया जाएगा। विंध्य पर्वत की पहाड़ियों के चकनाचूर होने से संत-महंत नाराज हैं। चित्रकूटधाम की 84 कोसी परिक्रमा सहित पर्वतों में श्रेष्ठतम माने जाने वाले विंध्य पर्वत के अस्तित्व को मिटाने की मुहिम चल रही है। यदि सरकार इसे पर्वतविहीन कर देगी तो जल संकट बढ़ जाएगा। पर्वत ही नदियों की कोख है। ऐसे में चित्रकूट क्षेत्र के पर्वतों का विध्वंस न किया जाए।
सरकारें प्रकृति को हरा भरा करने के लिए प्रत्येक वर्ष करोड़ों रुपये के वृक्ष लगाती हैं। दूसरी ओर मनमाने खनन की अनुमति देती हैं, जो गंभीर विषय है। मंदाकिनी नदी को गंदे नाले के प्रदूषण से मुक्त नहीं किया गया तो आंदोलन के लिए विवश होंगे। विवाह पूर्व या बगैर शादी लिव इन रिलेशनशिप भारतीय समाज और संस्कृति के लिए घातक है। इस कानून से पारिवारिक मूल्यों का पतन हो रहा है।
लव जिहाद का लगातार विरोध किया जाना चाहिए। संत समाज इसका विरोध करेगा। फिल्म आदिपुरुष को लेकर संत कुपित हैं। कहा कि श्रीराम और रामायण से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भारतीय आस्था पर कुठाराघात है। साधु का वेश धारण कर तमाम अधर्मी हिंदू धर्म को बदनाम करने की खतरनाक साजिश कर रहे हैं। बहुरुपिये नाम बदलकर हिंदू लड़कियों को प्रेम जाल में फंसा रहे हैं, जो बेहद निंदनीय है। छद्म वेशधारियों को पहचान कर जेल भेजना चाहिए।