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श्रद्धालुओं से भरी सफारी पेड़ से टकराई, एक की मौत, सात घायल

Sun, 16 Oct 2016 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो,चित्रकूट
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सफारी की टक्कर के बाद पेड़ भी हुआ क्षतिग्रस्त। - फोटो : अमर उजाला
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मैहर से देवी दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी सफारी रविवार सुबह हाइवे पर अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सफारी का आधा हिस्सा चकनाचूर हो गया। वाहन में फंसे श्रद्धालुओं को ग्रामीणों ने पुलिस की मदद से किसी तरह बाहर निकाला। इस दौरान इस पर सवार शिक्षक की मौत हो गई। सात घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जानकारी के अनुसार दिबियापुर निवासी सत्येंद्र सिंह भतीजे चंद्रपाल सिंह राठौर उर्फ चंदन (30) पुत्र वीरेंद्र सिंह के पुत्र होने पर सफारी से दोस्तों के साथ मैहर में देवी दर्शन करने गए थे। रविवार को लौटते समय वाहन भरतकूप चौकी क्षेत्र के रौली के पास पहुंचा तो सड़क पर एक मवेशी के आने से चालक नियंत्रण खो बैठा। अनियंत्रित सफारी सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि सफारी का आधा हिस्सा चकनाचूर हो गया। धड़ाम की आवाज के साथ एक पहिया दूर छिटककर सड़क पर जा गिरा। दुर्घटना होते ही आसपास के ग्रामीण और पुलिस पहुंच गई। सफारी के अंदर फंसे लोगों को किसी तरह बाहर निकाला गया। इसमें चंद्रपाल की मौत हो चुकी थी। अन्य घायलों में दिबियापुर के सत्येंद्र सिंह राठौर के अलावा प्रमोद कुमार (30) पुत्र रंजीत, मुनीष शुक्ला (35) पुत्र रामभूषण, मनीष अवस्थी (32) पुत्र श्यामबाबू, विवेक रावत(35) पुत्र अच्छेलाल, अजीतमल इटावा निवासी आशीष दुबे (34) पुत्र राकेश समेत अतर्रा निवासी एक अज्ञात युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों में आशीष दुबे की हालत गंभीर होने पर कानपुर रेफर किया गया। एनएच-76 पर हुए हादसे को लेकर पुलिस व स्थानीय लोगों की अलग-अलग राय है। पुलिस का मानना है कि शायद चालक को नींद की झपकी आई जिससे सफारी अनियंत्रित हुई। स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क पर एक मवेशी आ गया था जिसे बचाने में सफारी अनियंत्रित हुई। घायलों में सभी ने बताया कि वे सब सो रहे थे। एक धमाके की आवाज हुई और खुद को सफारी के अंदर फंसा पाया। सभी के हाथ पैर व सिर के पास से खून बह रहा था। हादसे में मृत चंद्रपाल को इसी साल शिक्षक की नौकरी मिली थी। वह अतर्रा के मोहतरा गांव में तैनात थे। हादसे की जानकारी होते ही उसकी पत्नी सरला, छोटा भाई अभिमन्यु और दो छोटे बच्चे रोते बिलखते मुख्यालय पहुंचे। पोस्टमार्टम हाउस में परिजन बेसुध कई घंटे तक पड़े रहे। मृतक के छोटे भाई ने बताया कि आठ माह पूर्व भइया को दूसरा पुत्र हुआ था। उसी की मनौती पूरी करने के लिए मैहर देवी दर्शन करने दोस्तों के साथ आया था।
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