रामघाट में जुटने लगे श्रद्धालु।
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सावन माह की अमावस्या पर आज मंदाकिनी में लाखों श्रद्धालु डुबकी लगाएंगे। श्रद्धालुओं के आवागमन और तीर्थ क्षेत्र में सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन ने पांच सौ पुलिस कर्मी तैनात कर दिए हैं। बाढ़ की संभावना पर गोताखोर पुलिस भी मंदाकिनी नदी में तैनात है। तीर्थ क्षेत्र में बम निरोधक व डाग स्क्वाड लगातार संदिग्धों पर नजर रखे है। ट्रेन व बसों से श्रद्धालुओं का आगमन शुरु हो गया है।
पिछली अमावस्या के बाद से एक माह के अंदर चार बार मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ने के कारण इस बार प्रशासन अधिक सतर्क है। मंगलवार को होने वाली अमावस्या में डुबकी लगाने के लिए लाखों श्रद्धालुओं ने रामघाट के आसपास डेरा जमा लिया है। मेला क्षेत्र में पुलिस बल तैनात हो चुका है। बारिश के कारण कुछ स्थानों पर श्रद्धालुओं के ठहरने को लेकर परेशानी भी है।
डीएम मोनिका रानी ने बताया कि मेले में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना पर मुख्यालय के स्टेशन से लेकर रामघाट तक और बरगढ़, मानिकपुर, भरतकूप और राजापुर क्षेत्र में जोनल-सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। लगभग दो सौ अतिरिक्त बसें व पांच मेला स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की गई है। टेपों चालकों को ओवरलोडिंग न करने के निर्देश जारी हैं।
एसपी केके चौधरी ने बताया कि बाहरी जनपदों से सीओ, कोतवाल, दारोगा के अलावा सौ कांस्टेबल बुलाए गए हैं। पीएसी की तीन बटालियन भी अलग-अलग स्थानों पर तैनात हो चुकी हैं। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे की भी मदद ली जा रही है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के इंतजाम करने का दावा तो किया है लेकिन बारिश के बाद धर्मनगरी की ओर जाने वाले मार्ग के मध्य बेड़ी पुलिया की सड़क पर सोमवार को भी जलभराव की स्थिती है। जिससे वाहनों का निकलना मुश्किल हो रहा है। पानी को निकालने की प्रशासन ने समुचित व्यवस्था नहीं की है। सोमवार को जलभराव से गुजरने पर कई बाइक चालकों की बाइक बंद हो गई। इसके अलावा वाहन स्टैंड पर भी जलभराव की स्थिति है।ो