जगदगुरु रामभद्राचार्य से मिले आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत
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जगदगुरु रामभद्राचार्य ने आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत से कहा कि चित्रकूट का मानसिक और मन का विकास हुए बगैर यहां का समग्र विकास नहीं होगा। संघ प्रमुख द्वारा जगदगुरु से मार्ग दर्शन मांगे जाने पर उन्होंने राष्ट्र देव भव: (राष्ट्र को देवता मानो) का मंत्र दिया है।
बुधवार को देर शाम संघ प्रमुख भागवत ने चित्रकूट में तुलसी पीठाधीश्वर पद्मभूषण जगदगुरु रामभद्राचार्य से मुलाकात की। संघ प्रमुख से हुई बातचीत के बारे में जगदगुरु ने बताया कि उन्होंने संघ प्रमुख से कहा कि चित्रकूट के मानसिक विकास के लिए वह बहुत चिंतित हैं।
यहां मन का विकास नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि वह 1978 से चित्रकूट की राजनीति कर रहे हैं। मानसिक विकास के मामले में वह हार गए। आरएसएस की बैठक के बारे में कहा कि उन्हें इसमें नहीं बुलाया गया है। वह बुलाने पर भी नहीं जाएंगे। जगदगुरु ने कहा कि संघ प्रमुख से रामजी पर बहुत बात हुई है।
चित्रकूट के जन जन में रामजी के आदर्शों और गुणों की आस्था होनी चाहिए। तभी यहां के मन का विकास होगा। कहा कि संघ प्रमुख को उन्होंने यही मार्ग दर्शन दिया है। उन्हें अपनी एक पुस्तक भी दी है। जगदगुरु ने बताया कि संघ प्रमुख ने उनसे राष्ट्र विकसित करने का मार्गदर्शन मांगा था। इस पर उन्होंने कहा कि राष्ट्र का मन बदला जाए। बिना इसके भ्रष्टाचार नहीं हटेगा।
योगी सरकार आएगी, सीट कम हो सकतीं
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा चित्रकूट विकास परिषद के गठन पर यह पूछे जाने पर कि सरकार के सिर्फ छह माह बचे हैं, अगली बार योगी सरकार नहीं आई तो यहां कितना काम हो पाएगा, इस पर जगदगुरु रामभद्राचार्य ने दो टूक और तत्परता से कहा कि आएगी, आएगी। उन्होंने कहा कि दो-चार सीट कम आ सकती हैं। जगदगुरु ने कहा कि वह यहां की जिला पंचायत से संतुष्ट नहीं हैं। बहुत गबन हुए हैं।