अमर उजाला ब्यूरो
मानिकपुर (चित्रकूट)। इन दिनों चल रहे पौधरोपण कार्यक्रम के दौरान पाठा क्षेत्र में बसे आदिवासियों व वन विभाग के कर्मियों केे बीच जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद बढ़ने लगा है। आदिवासियों का कहना कि जिस जमीन का उनके पूर्वज इस्तेमाल करते रहे हैं। उसमें वनविभाग कब्जा कर रहा है। इसे लेकर अब आदिवासियों व वनकर्मियों के बीच विवाद की स्थिति बनने लगी है जिससे पौधरोपण कार्यक्रम में असर पड़ रहा है।
वन विभाग ने मानसून आने के बाद मानिकपुर, बहिलपुरवा व मारकुंडी के वनक्षेत्र में पौधरोपण कार्यक्रम के तहत पौधरोपण करा रहा है। कई स्थानों पर जब वनकर्मियों ने पौधरोपने की कोशिश की तो आदिवासियों ने पौधरोपण करने पर रोक लगा दी। मारकुंडी रेज में वनजीव बिहार के कर्मचारी परसिन जंगल के कुलमार बीट में 15 हेक्टेयर में पौधरोपण करवा रहा था उसी समय कुछ आदिवासियों ने वन कर्मियों के साथ मारपीट की जिसको लेकर वनकर्मी ने मारकुंडी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया। इसी तरह कई स्थानों पर पौधरोपण को लेकर आदिवासियों व वनकर्मियों के बीच विवाद हुआ है।
वनाधिकार कानून के तहत नहीं दिए जा रहे अधिकार
चित्रकूट। अखिल भारतीय जन श्रमजीवी यूनियन के पदधिकारी भोला प्रसाद, राममिलन, राजबहादुर, चुनकवान, श्याम सुंदर,माताबदल आदि ने बताया कि वन अधिकारों के तहत 2006 में कानून बनाया गया। जिसको 31 जनवरी 2008 को लागू किया गया लेकिन जिले में इसे समाज कल्याण और वन विभाग लागू नहीं कर रहा है। वन क्षेत्र की भूमि पर वर्षों से उपयोग करने के बाद भी वनविभाग के कर्मी आदिवासियों को परेशान करते हैं। आरोप लगाया कि शासन से बनाई गई वन समितियों के सदस्यों को बैठकों में नहीं बुलाया जाता।
लकड़ी काटकर शहरों में बेच रहे
चित्रकूट। कई वर्ष से बहिलपुरवा क्षेत्र के आदिवासी वनों से लकड़ी काटकर ट्रेनों के माध्यम से शहरों में बेच रहे हैं। यह क्रम आज भी जारी है। लकड़ी काटने को लेकर वनकर्मियों व आदिवासियों के बीच आए दिन मारपीट होती रहती है।
कराएंगे रिपोर्ट दर्ज
चित्रकूट। प्रभारी वनाधिकारी ललित गिरी का कहना है कि वन विभाग की जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वनकर्मियों के साथ मारपीट करने वालों को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। पौधरोपण कार्य तो विभाग हर हाल में पूरा करेगा। वन क्षेत्र की अधिकृत भूमि पर अवैध कब्जाधारकों को हटाया भी जाएगा। आदिवासियों को कोई वनकर्मी बेवजह परेशान नहीं करता।