चित्रकूट। साढ़े पांच लाख के इनामी कुख्यात डाकू बबुली कोल व ढाई लाख के इनामी डाकू लवलेश कोल की मौत को लेकर मप्र सतना में चल रही मजिस्ट्रेटी जांच की रिपोर्ट में उनके पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की पुष्टि हुई है। 15 सितंबर को धारकुंडी थानाक्षेत्र के लेदरी के जंगल में यह दोनों डाकू के मारे गए थे। मप्र पुलिस पर यह आरोप था कि डकैत गैंगवार में मारे गए हैं मगर पुलिस ने मुठभेड़ दिखा रही है। मामले की सतना में मजिस्ट्रेटी जांच हो रही थी।
मझगवां उपखंड मजिस्ट्रेट एचके धुर्वे की 15 पेज की जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि दोनों मृतक डकैत बबुली व लवलेश ही थे। सबसे पहले पुलिस ने घेराबंदी कर आत्मसमर्पण के लिए कहा परंतु डकैतों द्वारा फायरिंग शुरू कर दी गई। जांच रिपोर्ट में कुल 21 साक्षियों के कलमबंद बयान लिए गए। दोनों की पहचान, किन परिस्थितियों में मुठभेड़ हुई, मुठभेड में शामिल अधिकारी व पुलिस कर्मियों की भूमिका आदि विंदुओं पर जांच की गई।
सतना डीएम ने बताया कि जांच के दौरान टिकरा गांव निवासी मदोल सिंह, लोटन सिंह, सुदामा सिंह, बाबू सिंह व बेटाई सिंह ने सबसे पहले लेदरी के जंगल के पटपरिया नाले के पास पड़े दोनों शव की शिनाख्त की थी। डाकू बबुूली की पत्नी गुडिया व लवलेश की पत्नी राबिया समेत उसके पिता रामशरण ने भी इसकी पुष्टि की थी।