अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। जिलाधिकारी ने ओडीएफ गांवों व शौचालय निर्माण कार्य की समीक्षा में जो गांव ओडीएफ में फेल हुए हैं उनकी रिपोर्ट मांगी है। नए सिरे से काम कराकर लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। काम में लापरवाही करने वाले सचिवों की सूची बनाई जाएगी। जिसमें 50 साल से ऊपर वाले सचिवों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए पत्र लिखा जाएगा। सहयोग न करने वाले प्रधानों के खाते सीज कर दिए जाएंगे।
रविवार कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य स्वच्छता समिति की बैठक हुई। जिसमें जिलाधिकारी ने शौचालय निर्माण की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि 30 नवंबर तक जनपद को ओडीएफ. घोषित किया जाना है, अभी कार्य पूर्ण नहीं हुए है। निर्माण में सहायक विकास अधिकारी पंचायत व्यक्तिगत ध्यान देकर प्रधान और सचिव के स्तर से समस्त ग्राम पंचायतों में अधूरे पड़े शौचालयों को पूर्ण कराएं अन्यथा की स्थिति में संबंधित के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई अमल में लायी जायेगी। फ ोटो अपलोडिंग का कार्य भी निर्माण कार्य पूर्ण होने के बावजूद भी नहीं कराया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा जिन ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों का शौचालय निर्माण में अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। उन ग्राम प्रधानों के ग्राम निधि के खातों को सीज कर समिति गठित करके निर्माण कार्यों को कराने हेतु आदेशित किया जाय जिससे शौचालयों के निर्माण कार्य को पूर्ण कराया जा सके। जो ग्राम ओडीएफ. में फेल हुए हैं उनका सत्यापन अधिकारियों से कराकर फेल होने के कारणों पर रिपोर्ट ली जाय। ऐसे सचिवों की सूची तैयार कर इनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी तथा 50 वर्ष के सचिवों के खिलाफ अनिवार्य सेवानिवृत्ति हेतु विभाग को लिख दिया जायेगा। बैठक में सीडीओ डा. महेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, जिला पंचायत राज अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं समस्त खंड विकास अधिकारियों सहित ए.डी.ओ.पंचायत तथा सचिव मौजूद रहे।