ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसल व मकानों को हुए नुकसान का सर्वे कर क्षतिपूर्ति देने की योजनालागू की गई है। योजना के सर्वे में चकबंदी लेखपाल पर रिश्वत लेकर अपात्रों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा है। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। मऊ के खंडेहा व चकवा गांव के किसानों ने डीएम को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि पात्रों द्वारा जब लेखपाल मनमाफिक रिश्वत नहीं पाता है तो सूची में उनके नाम नहीं चढ़ाता है। लॉकडाउन के चलते कुछ किसान दूसरों से कर्ज लेकर ओलावृष्टि का मुआवजा पाने को रिश्वत दे रहे हैं।
सेवानिवृत्त लेखपाल हरीशंकर ने बताया कि इस साल मार्च माह में ओलावृष्टि होने से तैयार रबी की फसल को भारी नुकसान हुआ है। हजारों ग्रामीणों के कच्चे खपरैल टूट गए है। इसकी क्षतिपूर्ति देने के लिए शासन से धनराशि मंजूर हो गई है। मऊ क्षेत्र के खंडेहा सहित चकवा गांव में एक लेखपाल सर्वे करने का कार्य कर रहा है।
इसमें रिश्वत लेकर सूची बना रहा है। इस मामले में कार्रवाई की जाए। वहीं, इस मामले में एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें लेखपाल रिश्वत की मांग कर रहा है। इस मामले में एडीएम जीपी सिंह ने बताया कि वीडियो वायरल की जांच कराई जा रही है। इसके अलावा मऊ एसडीएम राजबहादुर ने सीओ चकबंदी विभाग से जांच कराने के निर्देश दिए हैं।