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तहसील दिवस में गूंजी मुआवजे की पीड़ा

Wed, 08 Apr 2015 12:20 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, चित्रकूट
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तहसील दिवस में किसानों ने अपनी व्यथा बताई। उन्होंने मुआवजा न मिलने और इसके आकलन में हीलाहवाली की शिकायत की।
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मानिकपुर में पूर्व ब्लाक अध्यक्ष कांग्रेस ललित कुमार पांडे की अगुवाई में बगदरी, हेला, चमरौंहा, सकरौंहा, रानीपुर गिदुरहा आदि गांवों के उमाकांत पांडे, दामोदर प्रसाद, अभिषेक, ओमप्रकाश तिवारी, राजधर, कुलदीप द्विवेदी, सचिन पाठक आदि तहसील दिवस पहुंचे।

 उन्हाेंने डीएम नीलम अहलावत से लेखपालों द्वारा किए जा रहे सर्वे की शिकायत की। आरोप लगाया कि लेखपाल गांवों में व्यक्ति विशेष को फायदा पहुंचा रहे हैं। मांग की कि उचित सर्वे कर ठीक से मुआवजा दिया जाए। मानिकपुर में 107 शिकायती प्रार्थनापत्र आए, जिनमें से चार का निस्तारण किया गया। दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि लघु सिंचाई विभाग के जेई के कहने पर उसने सात कुएं खुदवा दिए। दो साल बाद भी भुगतान नहीं किया जा रहा।
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उधर राजापुर में अपर आयुक्त बी राम ने तहसील दिवस की अध्यक्षता की। उन्होंने पुराने लंबित प्रार्थनापत्रों को दो दिन में और इस हफ्ते आए मामलों को एक सप्ताह में निस्तारण करने को कहा। बाद में उन्होंने तहसील का मुआयना किया और गंदगी देख ईओ को चेतावनी दी। विद्युत विभाग के अधिकारियों को भी फटकार लगाई। अनुपस्थित रहने पर दो विभागों के अभियंताओं के वेतन काटने के निर्देश दिए। तहसील दिवस में भदेहदू गांव के किसानों ने मुआवजे की मांग की और लेखपाल की सूची में अनियमितता बरतने की शिकायत की। इस मौके पर 83 प्रार्थनापत्रों में से 26 का निस्तारण किया गया।
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मऊ में हुए तहसील दिवस की अध्यक्षता एसडीएम एके श्रीवास्तव ने की। इस मौके पर ददरी, सुरौंधा, घरवार आदि के किसानों ने गांव में क्राप कटिंग पर आपत्ति जताई। इनका कहना था कि एक बीघा फसल में नाममात्र का गेहूं हुआ है, अरहर और चना बिल्कुल नहीं है, पर कर्मचारी ध्यान नहीं दे रहे। वे लोग भुखमरी की कगार पर हैं। बनारसी दास, सोमेश, मोहन लाल, राम कृपाल सिंह आदि तमाम किसानों ने कहा कि अगर जल्द समस्याओं का निदान न हुआ तो वे लोग तहसील परिसर में ही आमरण अनशन शुरू कर देंगे।
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