चित्रकूट। दशहरा पर शहरी और ग्रामीण अंचलों में 11 स्थानों पर रावण के पुतले जलते ही जय श्रीराम के जयकारे गूंज उठे। कुछ स्थानों पर गरबा और डांडियां की भी धूम रही।
पुरानी बाजार में रामलीला में राम-रावण युद्ध खत्म होते ही जैसे ही रावण के पुतले में आग लगी, भीड़ ने आतिशबाजी के बीच बधाइयां बांटीं। डीएम पुलकित गर्ग, एसपी अरुण सिंह और नगर पालिका परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता समेत अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। नई बाजार में गरबा की धुन भी चलती रही।
जापुर कस्बे में भी विजयदशमी पर्व मनाया गया। कस्बे के विशिष्ट गुरुकुलम विद्यालय में दशहरा मेले का आयोजन किया गया। यहां श्रीराम-रावण युद्ध हुआ।मौके पर एसडीएम पूजा गुप्ता, सूर्य प्रकाश त्रिपाठी, लखनलाल त्रिपाठी मौजूद रहे।
अग्रवाल धर्मशाला में भी कार्यक्रम हुआ। यहां हरीकृष्ण अग्रवाल, नरेश अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल सहित रामलीला कमेटी के संरक्षक विकास मिश्रा, प्रबंधक राजकुमार, शिवपूजन गुप्ता, रामबाबू आदि मौजूद रहे।
इसके अलावा जिले के मऊ, मानिकपुर, भरतकूप, शिवरामपुर, पहाड़ी, भौंरी, ऐंचवारा आदि स्थानों पर भी दशहरा पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
भौंरी में नहीं दहन किया पुतला
भौंरी (चित्रकूट)। जिले में जहां 11 जगह रावण के पुतले धू-धू कर जले, वहीं रैपुरा गांव में रावण को जलाया नहीं गया। यहां की परंपरा सबसे अलग है। गांव के लोगों का मानना है कि रावण अहंकारी था, पर महाज्ञानी भी था। इसलिए यहां पुतला बनता है, रामलीला भी होती है, पर दहन नहीं किया जाता। (संवाद)
फोटो न- 21 सीकेटीपी 19 नई बाजार में दशानन का जलता पुतला। संवाद
फोटो न- 21 सीकेटीपी 19 नई बाजार में दशानन का जलता पुतला। संवाद