राशन कार्ड बनवाने को लेकर माथापच्ची करते लोग।
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जब से आनलाइन राशन कार्ड बनवाने के आदेश हुए हैं, तब से मानो कार्डधारकों की नई समस्या शुरू हो गई। रोज जिला पूर्ति कार्यालय के बाहर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा रहती है। जो बताती है कि दो बार आनलाइन आवेदन करने के बाद भी उन्हें नया राशनकार्ड नहीं मिला है। राशनकार्ड के लिए जिले के 42 हजार से ज्यादा लोग आनलाइन आवेदन करने के बाद भटक रहे हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जिले में एक लाख साठ हजार उन्नीस पात्र राशनकार्ड धारक हैं। इनमें आधे से ज्यादा असंतुष्ट हैं। डीएम मोनिका रानी ने इस समस्या का समाधान कराने के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती कर गांव-गांव जाकर सत्यापन का काम भी शुरू कराया है।
तमाम स्थानों पर मृतकों के नाम अंत्योदय कार्ड बने मिले, कोटेदारों की मनमानी की शिकायत मिलीं। अपात्रों की सूची भी मिली, लेकिन अभी पूरी तरह से दोषी कोटेदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों की मानें तो जिला पूर्ति कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारियों की कोटेदार से सांठगांठ रहती है, जिससे प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती।