चित्रकूट। नाबालिग से दुष्कर्म में अदालत ने 41 दिन में ही सुनवाई करते हुए दोषी को 25 वर्ष के कठोर कारावास और 12 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। घटना छह अप्रैल को हुई थी। पुलिस ने छह दिन में ही आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था।
मानिकपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने छह अप्रैल को तहरीर दी थी उसकी नाबालिग बेटी (12) दो अन्य बच्चों के साथ महुवा बीनने गई थी। वहां पर गांव का ही शारदा कोल पहुंचा और बेटी को कुछ दूर पर महुवा बीनने के लिए ले गया। नाला किनारे ले जाकर दुष्कर्म किया और घर में बताने की बात कहने पर मारा पीटा था।
बेटी ने घर आकर घटना की जानकारी दी थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मारपीट, दुष्कर्म और पाॅक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। तत्कालीन थाना प्रभारी दुर्गविजय सिंह ने आरोपी को अगले दिन ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और विवेचक विनय विक्रम सिंह ने छह दिन में ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। शुक्रवार को मुकदमा की सुनवाई पूरी हुई और अपर सत्र न्यायाधीश विशेष (पॉक्सो एक्ट) रेनू मिश्रा ने दोषी पाने पर शारदा कोल को सजा सुनाई।
सड़क दुर्घटना के दोषी को जुर्माना
चित्रकूट। सड़क दुर्घटना के मुकदमा की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोषी को 1500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। थाना प्रभारी मऊ दुर्गविजय सिंह ने बताया कि न्यायिक मजिस्ट्रेट एस आनंद ने मुकदमा की सुनवाई शुक्रवार को पूरी की और नीबी निवासी दोषी आलोक सिंह को सजा सुनाई है। संवाद