चित्रकूट। विंध्य शृंखलाओं की गोद में बसे रानीपुर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में प्रकृति के अलौकिक सौंदर्य के बीच बना स्काई ग्लास ब्रिज पर्यटकों के लिए जल्द ही रोमांच का नया अनुभव लेकर आएगा। मारकुंडी के पास स्थित तुलसी जल प्रपात पर पौने तीन करोड़ की लागत से निर्मित यह अनूठा पुल पूरी तरह से तैयार हो चुका है और अब बस सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट का इंतजार है।
वन विभाग को इस स्काई ग्लास ब्रिज की सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार है। पिछले महीने चार सदस्यीय एक टीम ने इस ब्रिज का दौरा कर सुरक्षा मानकों का जायजा लिया था। रिपोर्ट आने के बाद ही इसे पर्यटकों के लिए खोला जाएगा, जिससे स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। दो साल पहले स्काई ग्लास ब्रिज का निर्माण शुरू कराया था। यह पुल अब बनकर तैयार है और प्रभारी मंत्री द्वारा हाल ही में रानीपुर टाइगर रिजर्व का शुभारंभ किए जाने के बाद इसके जल्द खुलने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
तुलसी जल प्रपात का मनमोहक दृश्य : तुलसी जल प्रपात अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। यहां दो गहरे कुंड हैं, जिनमें लगभग 50 फीट की ऊंचाई से पानी गिरता है। पथरीले इलाके और चारों ओर की गहराई इस स्थान को और भी आकर्षक बनाती है। रानीपुर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में स्थित होने के कारण, यह स्थल पहले से ही पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है।
विशेषज्ञ टीम ने किया निरीक्षण : पिछले 20 अक्तूबर को प्रयागराज स्थित मोतीलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की चार सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने इस स्काई ग्लास ब्रिज का निरीक्षण किया था। टीम ने ब्रिज की संरचना और सुरक्षा पहलुओं का गहनता से अध्ययन किया है। हालांकि, टीम ने अभी तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट वन विभाग को नहीं सौंपी है। रिपोर्ट प्राप्त होते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।