06सीकेटीपी-20-सुबह घाट में सफाई करते नगर पालिका कर्मचारी। संवाद
चित्रकूट। मूसलाधार बारिश से मंदाकिनी में आए जलप्रलय ने रामघाट को तबाह कर दिया था। शनिवार शाम तक 7-8 फीट मलबा जमा था।
मंदिरों में कमर तक कीचड़ था और बीच घाट में 30 फीट गहरा गड्ढा था। तीन दिन से पुजारी-दुकानदार खुद फावड़ा चला रहे थे, सरकारी मशीनरी कहीं नहीं थी। फिर लखनऊ से एक फोन आया कि रविवार को सीएम योगी आ रहे हैं। सीएम की भनक लगते ही पूरा सिस्टम दौड़ पड़ा और रातों-रात रामघाट को चमका दिया।
रात 10 बजते ही रामघाट पर मेला लग गया। जेसीबी, डंपर, ट्रैक्टर और नगर पालिका के 100 से ज्यादा कर्मचारी टॉर्च की रोशनी में उतर गए। पूरी रात ऑपरेशन चला। दुकानों- मंदिरों से मलबा निकला, घाट धोया गया और बाढ़ से बने 30 फीट गहरे गड्ढे में ट्रक से बोल्डर-गिट्टी डालकर उसे समतल किया गया।
रविवार सुबह तक रामघाट बदला-बदला था। सीएम के आने से एक घंटे पहले तक सफाई चलती रही, रास्तों पर पानी छिड़का गया। एक दुकानदार ने तंज कसा, तीन दिन तक हम मलबा हटाते रहे, कोई झांकने नहीं आया। सीएम का नाम आते ही रातों-रात घाट चमक गया।