09 सीकेटीपी-04-रामघाट क्षेत्र में सजी दुकानें। संवाद
09 सीकेटीपी-05-ग्राहकों के इंतजार में बैठा दुकानदार। संवाद
09 सीकेटीपी-06-शंख चौराहे पर लगा सजावटी गेट। संवाद
09 सीकेटीपी-07- कर्वी के पटेल तिराहे पर हुई सजावट। संवाद
09 सीकेटीपी-08- साफ-सुथरा रामघाट। संवाद
-प्रशासन ने दिन-रात एक कर कराई सफाई, दुकानदारों ने नया सामान भर शुरू की मेले की तैयारी
- दुकानदारों को अमावस्या मेले से भरपाई की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। मंदाकिनी में आई बाढ़ के 15 दिन बाद रामघाट ने फिर से संवरने लगा है। मंदाकिनी नदी के घाटों व आसपास के इलाकों में जिला प्रशासन ने दिन-रात जुटकर सफाई कराई। दुकानदारों ने भी सफाई कर अपनी दुकानों में नया सामान सजा दिया है। अब उन्हें ग्राहकों के आने का इंतजार है।
29 अगस्त को 135.200 मीटर तक चढ़ी मंदाकिनी ने यहां 400 से ज्यादा दुकानें डुबो दी थीं, लाखों का माल बह गया था। सबसे ज्यादा असर रोज कमाने और खाने वाले छोटे दुकानदारों पर पड़ा था। बाढ़ घटने के बाद अब प्रशासन घाट और आसपास दिन-रात सफाई अभियान चलाए। जेसीबी से गाद और मलबा हटाया गया, चूने का छिड़काव कराया जा रहा है।
डीएम पुलकित गर्ग के साथ सीडीओ और एसडीएम कर्वी निरीक्षण कर रहे हैं। निर्देश हैं कि मेले से पहले घाट पूरी तरह से साफ दिखना चाहिए। रामघाट के दुकानदार देवी प्रसाद, रामसेवक और आलोक सिंह ने बताया कि बाढ़ में उनका पूरा सामान बह गया था। इससे उन्हें बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। अब अमावस्या मेले से उन्हें उम्मीद है कि श्रद्धालुओं की अच्छी भीड़ पहुंचेगी और दुकानदारी बेहतर होने से बाढ़ से हुए नुकसान की कुछ भरपाई हो सकेगी।
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धर्मनगरी में बन रहे स्वागत द्वार, सजावट कर रोशन हुए चौराहे
चित्रकूट। कर्वी से रामघाट तक प्रमुख चौराहों को आकर्षक बनाने के लिए सजावट कराई गई है। जगह-जगह लाइटिंग की गई है। अमावस्या के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है, वहीं दुकानदार भी अब मेले से होने वाली बिक्री की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
कर्वी में भारी वाहनों की नो-एंट्री
चित्रकूट। अमावस्या मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व यातायात व्यवस्था के लिए कर्वी नगर में भारी व मध्यम मालवाहनों का रूट डायवर्ट कर दिया गया है। डायवर्जन 13 सितंबर रात 12 बजे तक लागू रहेगा। आपातकालीन और आवश्यक वस्तुओं के वाहन इससे मुक्त रहेंगे।
- प्रयागराज रोड पर रेहुटिया, राजापुर मार्ग पर लोढ़वारा मोड़, मानिकपुर रोड पर खोह, सतना रोड पर शेषनपुरवा मोड़ और बांदा रोड पर बेड़ी पुलिया से भारी वाहनों को नो-एंट्री में रोका जाएगा। यहां से वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से निकाला जाएगा।
- इन मार्गों पर नो-एंट्री का समय अलग-अलग रहेगा। लोढ़वारा मोड़ पर रात 9:30 बजे तक, रेहुटिया और खोह में रात 10 बजे तक, शेषनपुरवा मोड़ पर रात 10:30 बजे तक तथा बेड़ी पुलिया और निर्मोही अखाड़ा-यूपी/एमपी बॉर्डर मार्ग पर रात 11 बजे तक भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।
- नो-एंट्री बैरियर से सुबह 5:30 बजे प्रवेश करने वाले वाहन हर हाल में सुबह 6 बजे तक प्रतिबंधित क्षेत्र से बाहर निकलेंगे। अमावस्या मेले के बाद 14 सितंबर से अगले 30 दिन तक या नए आदेश तक कर्वी के कई प्रमुख मार्गों पर भारी व मध्यम मालवाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी, इनमें बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे जीरो पॉइंट से रेहुटिया, लोढ़वारा मोड़ से धनुष चौराहा-देवांगना घाटी होते हुए यूपी/एमपी बॉर्डर, बेड़ी पुलिया से निर्मोही अखाड़ा तथा शिवरामपुर तिराहा से पर्यटक तिराहा समेत अन्य मार्ग शामिल हैं।
09 सीकेटीपी-06-शंख चौराहे पर लगा सजावटी गेट। संवाद- फोटो : 1
09 सीकेटीपी-06-शंख चौराहे पर लगा सजावटी गेट। संवाद- फोटो : 1