चित्रकूट। धार्मिक नगरी में मंदाकिनी नदी के तट पर रामघाट का सुंदरीकरण जारी है। वहीं शहर के सुंदरघाट और राजाघाट बदहाली का शिकार हैं। भारी-भरकम बजट से बने इन घाटों पर न नियमित सफाई हो रही है और न ही रखरखाव। इससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को स्नान व धार्मिक अनुष्ठानों के लिए 12 किलोमीटर दूर रामघाट जाना पड़ रहा है।
कर्वी शहर के दोनों प्रमुख घाटों की स्थिति बेहद खराब है। सुंदरघाट पर सीढ़ियां और चबूतरे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। राजा घाट पर कूड़ा-कचरा और नदी में जमी काई लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि दोनों घाटों का नियमित रखरखाव कराया जाए तो शहरवासियों को छोटी-छोटी धार्मिक गतिविधियों और स्नान के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
लोगों का कहना है कि घाटों की अनदेखी के साथ मंदाकिनी नदी में लगातार गंदगी गिर रही है। कई स्थानों पर काई और गाद जमा होने से नदी का स्वरूप तालाब जैसा नजर आने लगा है। नियमित सफाई और जल संरक्षण के प्रभावी इंतजाम न होने से नदी की पवित्रता और सुंदरता दोनों प्रभावित हो रही हैं।