चित्रकूट। बिजली चोरी के एक मामले में 12 साल बाद आरोपी राजेश सिंह को अपर सत्र न्यायाधीश ने संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया है। हालांकि, उसे दूसरी धारा में 20 हजार रुपये का व्यक्तिगत बंध पत्र भरना होगा।
मामला 14 अप्रैल 2014 का है। अवर अभियंता शैलेंद्र कुमार मौर्य ने राजापुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि अर्जुनपुर गांव में राजेश सिंह कटिया लगाकर आटा चक्की और थ्रेसर मशीन चला रहे थे। विभाग ने मौके से सामग्री जब्त करने का दावा किया था। न्यायालय में राजेश ने खुद को चुनावी रंजिश में फंसाए जाने की बात कही।
उन्होंने तर्क दिया कि उनके पास से कोई सामग्री बरामद नहीं हुई और जिस परिसर से चोरी पकड़ी गई, वह उनका नहीं था। इन तर्कों के आधार पर चोरी से मशीन चलाने का आरोप सिद्ध नहीं हो सका। सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश राम मणि पाठक ने राजेश सिंह को बरी कर दिया।