चित्रकूट। रामघाट से कर्वी तक मंदाकिनी में 16 नालों की गंदगी गिर रही है। इस ओर अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। बुंदेली सेना ने जलशक्ति मंत्री और जिलाधिकारी से इस मामले में ठोस पहल की मांग की है। बुंदेली सेना इस मामले को पहले भी उठा चुकी है। तब तत्कालीन जिलाधिकारी और अब के मुख्य सचिव विशाख जी ने कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अफसरों ने इनके फरमान को तवज्जो ही नहीं दी।
बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि नालों की गंदगी से मंदाकिनी का पानी दूषित हो रहा है। इस मामले में तत्कालीन जिलाधिकारी विशाख जी ने सिंचाई विभाग, जल संस्थान और नगर पालिका ईओ के साथ बैठक कर नालों में दो-दो चैंबर बनाने के निर्देश दिए थे। कहा गया था कि पहला चैंबर बड़ा बनाकर उसमें बड़ी गिट्टी डाली जाए। दूसरा चैंबर छोटा बनाकर इसमें छोटी गिट्टी डालें। इससे नालों की बड़ी गंदगी इसमें रुक जाएगी। उनके तबादले के बाद विभागों ने योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया। समस्या जस की तस है। उन्होंने बताया कि मंदाकिनी में गिर रही नालों की गंदगी रोकने के लिए तत्कालीन जिलाधिकारी के सुझावों को अमल में लाने की मांग प्रदेश के जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह और जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय से की गई है।