चित्रकूट। ग्राम बंदरकोल में कृषि विज्ञान केंद्र गनीवां की ओर से वैश्विक पर्यावरण सुविधा परियोजना के तहत बुंदेलखंड के लिए उपयुक्त प्रजातियों का परीक्षण किया गया। खरीफ की फसलें उड़द, मूंग, मोठ, तिल, अरहर, सावा, कुटकी, कोदो की कुल 42 प्रजातियों का परीक्षण किया गया। राजस्थान की फसल मोठ की चार प्रजातियों के परीक्षण में अच्छे परिणाम सामने आए हैं। मोठ पश्चिमी राजस्थान में उगाई जाने वाली दलहनी फसल है। इसमें सूखा सहन करने की क्षमता अन्य दलहन फसलों की अपेक्षा अधिक होती है। इसकी जड़ें अधिक गहराई तक जाकर भूमि से नमी प्राप्त कर लेती हैं। दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन, कोषाध्यक्ष वसंत पंडित, उप महाप्रबंधक डा. अनिल जायसवाल, अभियंता राजेश त्रिपाठी, वीरेंद्र सिंह, नागा राघवेंद्र दास, राम प्रकाश शर्मा ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया।