विवि के प्रशासनिक गेट पर विरोध प्रदर्शन करते छात्र।
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चित्रकूट। जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय के कुछ शिक्षकों पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाकर छात्र-छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासनिक भवन गेट के सामने बैठकर कुलपति व शिक्षकों के खिलाफ नारेबाजी की। लगभग एक घंटे तक चली वार्ता के बाद छात्रों के हित में फैसला होने पर सभी अपनी कक्षा में पढ़ने चले गए।
सोमवार को जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विवि के छात्र-छात्राओं ने कुछ शिक्षकों की तानाशाही रवैये से क्षुब्ध होकर विरोध प्रदर्शन कर प्रशासनिक भवन के गेट तक आ गए फिर वहीं बैठकर कुलपति, शिक्षकों के खिलाफ धरना देकर नारेबाजी की। कर्मचारियों को अंदर नहीं जाने दिया। आरोप लगाते हुए बताया कि शिक्षक उनके साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाते हैं। भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की नीयत से फेल कर देते हैं। प्रयोगात्मक परीक्षा में 29 छात्रों को फेल करने का कारण पूछा।
इस मामले को लेकर छात्रों में रोष है। हंगामे की सूचना पर पहुंचे कुलपति प्रो. योगेश चंद्र दुबे ने छात्र-छात्राओं को समझाकर ताला खुलवाया। उन्होंने छात्रों के साथ सभागार में बैठक की। छात्रों ने बैठक में कहा कि भेदभाव करने वाले शिक्षकों को विवि से निष्कासित किया जाए। छात्रों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिर से मूल्यांकन की मांग उठाई। इस पर कुलपति ने छात्रों को आश्वस्त किया कि किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होने देंगे। प्रकरण की जांच कराकर छात्रों को इंसाफ दिलाया जाएगा।