ोटो- 3- कृषि विभाग कार्यालय के गेट पर ताला लगा होने से बाहर खड़े किसान
- फोटो : CHITRAKUTT
चित्रकूट/मानिकपुर। कोरोना के डर से सरकारी कार्यालयों में अधिकारी व कर्मचारी अंदर से गेट बंद कर काम कर रहे। जबकि ओलावृष्टि से तबाह हुए किसान मुआवजे के लिए अधिकारियों के कार्यालयों में चक्कर काट रहे हैं। गेट न खुलने पर मजबूरन घर लौट रहे हैं। कुछ ऐसा ही नजारा मानिकपुर ब्लाक परिसर का भी रहा। सचिव व प्रधानों की बैठक में कार्यालय के कमरे का दरवाजा बंद कर लिया गया। प्रधान व सचिव से मिलने वाले घंटो भटकते रहे।
जिले में सैकड़ों गांव में ओलावृष्टि से अधिकतर किसानों की फसल चौपट हो गई है। जिससे किसान खेतों के सर्वे कराने सहित मुआवजा के लिए सरकारी कार्यालयों में चक्कर लगाने को मजबूर हैं। जबकि कोरोना के डर से कई कार्यालयों के गेट अंदर से कर्मचारी बंद किए हैं ताकि कोई फरियादी अंदर न आए। ऐसा ही नजारा बुधवार को जिले के सरकारी कार्यालयों में देखने को मिला। ओलावृष्टि से प्रभावित कई किसान कृषि विभाग के मेन गेट में खडे़ होकर खुलने का इंतजार करते रहे।
कई बार कर्मचारियों से मिन्नतें भी की। इसके बाद भी कोई उनकी सुनने वाला नहीं था। काड़ीखेरा के किसान महेश सिंह, कसहाई गांव का किसान सुशील सिंह, भरतकूप के अरुण द्विवेदी ने बताया कि उनकी ओलावृष्टि से कई बीघा फसल खराब हो गई। उनका नाम लिस्ट में है कि नहीं इसके लिए वह कृषि विभाग के कार्यालय में पता लगाने के लिए आए। जिसका गेट अंदर से बंद है। कोई अंदर जाने नहीं दे रहा है। कृषि विभाग के निदेशक टीपी शाही ने बताया कि कृषि विभाग में दूसरी तरफ से भी गेट है। जो खुला हुआ था कई किसानों की उन्होंने समस्या सुनकर निराकरण किया।