मऊ/ भरतकूप (चित्रकूट)। अचानक जोरदार बारिश व ओलावृष्टि अन्ना मवेशियों के लिए आफत बन गई है। भरतकूप क्षेत्र के घुरेटनपुर स्थित गोशाला में तीन व मऊ विकास खंड के हरदीकला गांव में तीन मवेशियों की मौत हो गई है। कई मवेशी बीमार व चुटहिल हो गए हैं।
मुख्य विकास अधिकारी और पशु विभाग के अधिकारियों ने घुरटेनपुर व पशु विभाग अधिकारी ने हरदीकला गोशाला का निरीक्षण कर इस बात की पुष्टि की है। मऊ क्षेत्र के पशु अधिकारी डॉ. सुदीप कुमार का कहना कि अचानक जोरदार बारिश व ओलावृष्टि होने से तापमान अधिक नीचे गिर गया। इससे मवेशी बीमार हो गए। बीमार मवेशियों का उन्होंने इलाज कराया है। जिन स्थानों पर घटनाएं हुई हैं डीएम ने उनकी रिपोर्ट मांगी है और बीडीओ, सचिव व प्रधान के खिलाफ कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं।
जिले में 317 अस्थायी व स्थायी गोशाला बनी हैं। इसमें कई अस्थायी गोशालाओं में डीएम शेषमणि पांडेय के निर्देश पर मवेशियों को सर्दी से बचाने के लिए टिन शेड व प्लास्टिक के कवर लगवाए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को जिले में जोरदार बारिश के साथ कई गांवों में ओलावृष्टि हुई, जो मवेशियों के लिए आफत बनकर आई। इससे कुछ कमजोर व चुटहिल छह मवेशियों की मौत हो गई। आधा दर्जन मवेशी बीमार व चुटहिल हैं। जिनका इलाज चल रहा है। भरतकूप क्षेत्र के घुरेटनपुर गल्लामंडी में अस्थायी गोशाला का निर्माण में किया गया। मुख्य विकास अधिकारी डा.ॅ महेंद्र कुमार ने निरीक्षण कर बताया कि दो बछड़े व एक गाय की मौत हुई है। जो पहले से बीमार व चुटहिल थे।
मऊ विकास खंड के हरदीकला गांव में खंड विकास अधिकारी राकेश शुक्ला व क्षेत्र के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुदीप कुमार ने निरीक्षण किया। जिसमें पाया गया कि हरदीकला गांव की गोशाला में दो बछडे़ व एक गाय की मौत हुई है। हरदीकला गांव के सचिव राजकुमार ने बताया कि हरदीकला गांव में बनाई गई अस्थायी गोशाला में तिरपाल लगाई गई थी। जो बृहस्पतिवार को तेज हवा चलने से उड़ गई। मवेशियों के लिए पर्याप्त चारे भूसे की व्यवस्था है।