खंड विकास अधिकारी कार्यालय परिसर में रविवार को कंबल वितरण का कार्यक्रम हुआ। लेकिन इसमें अधिकांश गरीब मायूस होकर लौट गए। उन्होंने मौके पर मौजूद रहे कुछ सपाइयों के कहने पर पात्रों को वंचित रखने का आरोप लगाया। जबकि नायब तहसीलदार का कहना है कि इन लोगों के नाम लिस्ट में नहीं थे।
नायब तहसीलदार सुंदरलाल, कानूनगो दृगपाल, लेखपाल बच्चाराम यादव की मौजूदगी में ग्रामीणों को कंबल बांटे जा रहे थे। यहां कुछ सपाई भी मौजूद थे। पहाड़ी और ओबरी से आए तमाम ग्रामीण सुबह से देर दोपहर तक वहां बैठे रहे। ये लोग कंबल न मिलने से निराश होकर लौट गए।
पहाड़ी की चंपाबाई तो कंबल न मिलने पर रो पड़ीं। ननकू, बहोरा, सुदुलुआ, कोईली, नेत्रहीन मोरे, सुकुरुवा, रामचंद्र, भानुप्रताप आदि ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के लोगों के कहने पर अपात्रों को कंबल बांट दिए गए। इस संबंध में नायब तहसीलदार ने बताया कि अगली सूची में लेखपाल से इनका नाम जोड़ने को कह दिया है।
वहीं कानूनगो ने बताया कि पहाड़ी में 38 और बकटा, कौदार, खरसेड़ा, जरिहा, इटौरा, असोह आदि में 90 कंबल बांटे जा चुके हैं। अपराध निरोधक समिति के शिवसंपत करवरिया ने कहा कि मौके पर खड़े सपा नेताओं ने अपने लोगों और अपात्रों को कंबल बंटवाए हैं। बहुत से गरीब ग्रामीण इस कारण कंबल नहीं पा सके।
वहीं छात्र नेता और अधिवक्ता हाईकोर्ट रामप्रकाश पांडे ने कहा कि पूरे मामले की जांच हो तो पता चल जाए कि कितने ग्रामीण इससे लाभान्वित हुए।