किसानों के हक में कांग्रेस, बसपा, भाजपा और भाकियू ने आवाज बुलंद की है। सभी ने ओलावृष्टि से बर्बाद किसानों के लिए जल्द मुआवजे की मांग कर सीएम और पीएम को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा है।
बसपा के जिलाध्यक्ष रामलखन निषाद, पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल की अगुवाई में बसपाइयों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा है। इसमें किसानों के नुकसान का सही सर्वे कराने, 15 हजार प्रति बीघे के हिसाब से क्षतिपूर्ति, मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता, किसानों का किसान क्रेडिट कार्ड का ऋण माफ किए जाने, विद्युत बिल माफ किए जाने समेत अन्य मांगें शामिल हैं।
पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि बांदा, महोबा, हमीरपुर और चित्रकूट में ओला पड़ने से फसलें नष्ट हो गईं हैं। ऐसे में सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाए और सभी ऋण माफ किए जाएं। भारतीय किसान मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष कुलदीप मिश्रा ने बताया कि उन्होंने ओलावृष्टि और अतिवृष्टि के प्रभावित गांवों का दौरा किया। बताया कि किसानों का सौ फीसदी नुकसान हुआ है।
जिला कांग्रेस कमेटी की उपाध्यक्ष रंजना पांडे, कुशल सिंह पटेल, राजकुमार, विनीत पयासी, धर्मेंद्र तिवारी आदि ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। इसमें किसानों के ऋण माफ किए जाने, लगान वसूली न किए जाने, नहरों की सिंचाई की वसूली न किए जाने और फसल के मुआवजे में भेदभाव न किए जाने की मांग की। मऊ प्रतिनिधि के अनुसार, भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राम सिंह पटेल ने उप जिलाधिकारी को पत्र देकर किसानों की फसल क्षति का सही आकलन कराने की मांग की।
उधर, मानव विकास संस्थान लालता रोड के प्रेम किशोर, बुद्दन सिंह आदि ने भी एसडीएम को पत्र देकर किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।
वहीं भारतीय जनता पार्टी के नेता श्यामनारायण शुक्ल ने कहा कि राजस्व विभाग के कर्मचारी वास्तविक रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजें। किसानो की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ब्लाक प्रमुख मऊ ममता सिंह ने भी इसी आशय का ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा है। भाजपा नेता रामदयाल त्रिपाठी, दिनेश तिवारी आदि ने बरगढ़, रामनगर क्षेत्र का दौरा करने के बाद लागत के अनुपात में मुआवजा देने की मांग उठाई।