28 सीकेटीपी-1- परिचय -खजुराहो फिल्म फेस्टिवल में मंच से प्रस्तुति देते चित्रकूट के कलाकार । - आ
चित्रकूट। खजुराहो अंतरराष्ट्रीय महोत्सव की शाम बुंदेली संस्कृति के नाम रही। मुंबई की फिल्मी हस्तियों के बीच बुंदेलखंड का प्रतिनिधित्व कर रहीं वर्षा सिंह और पिंटू यादव ने बुंदेली प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। इनके साथ तृष्णा साहू व विकास नामदेव ने बुंदेलखंडी प्रस्तुति देते हुए बुंदेली कला का अद्भुत प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के संयोजक अभिनेता राजा बुंदेला ने खजुराहो फिल्म महोत्सव सम्मान देकर पूरी टीम को सम्मानित किया ।
प्रस्तुति में बुंंदेली टीम ने ऐतिहासिक नगरी खजुराहो की लोकगीतों पर प्रस्तुति दी। साथ ही फिल्म अभिनेत्री सुस्मिता मुखर्जी के सबसे चर्चित गाने क्यों आगे पीछे घूमते हो भौरों की तरह... पर प्रस्तुति दिखाई तो माया नगरी आई हुई फिल्मी हस्तियों का दिल जीत लिया । इस मौके पर यूपी प्रभारी अजीत सिंह, स्वप्निल कोठरी,विजय शंकर बबेले, राजेंद्र त्रिपाठी, इंदिरा तिवारी आदि मौजूद रहीं।
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नारी सशक्तिकरण व जल संरक्षण पर चर्चा
चित्रकूट। फिल्म महोत्सव मंगलवार को नारी सशक्तिकरण व जल संरक्षण पर केंद्रित रहा। भारत में महिलाओं का दृष्टिकोण क्यों महत्वपूर्ण है... विषय पर चर्चा हुई। इसमें फ़िल्म व कला जगत के कई प्रतिष्ठित अतिथि शामिल हुए। भारतीय सिनेमा के बहुमुखी कलाकार, लेखक और निर्देशक, अभिनेता सौरभ शुक्ला ने कहा कि संवेदनशील दृष्टि और अनुभव को लेकर महिलाएं ही बेहतर हैं। निदेशिका और लेखिका बर्नाली रे ने कहा कि फ़िल्म फेस्टिवल में इस तरह के सेमिनार अलग छाप छोड़ते हैं।
फिल्म लेखक, समीक्षक भारती प्रधान, फ़्रांसीसी अभिनेत्री मारियन बोर्गो व लेखक व निर्देशक सुधीर आज़ाद ने महिलाओं की संवेदनाओं, अनुभवों और संघर्षों को शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके बाद महिला फिल्मकारों ने जल संरक्षण की दिशा में महिलाओं की सशक्त पहल के लिए जल सहेली महिलाओं से परिचर्चा की। संवाद
28 सीकेटीपी-1- परिचय -खजुराहो फिल्म फेस्टिवल में मंच से प्रस्तुति देते चित्रकूट के कलाकार । - आ