फोटो- 5- जिला पंचायत की बैठक में निर्देश देते सांसद आरके सिंह पटेल। संवाद
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चित्रकूट। जिला पंचायत की बैठक में पेयजल की समस्या, तालाबों की कराई जा रही खुदाई व मनरेगा से हो रहे कार्यों को लेकर मुद्दे उठाए गए। ग्रामीण क्षेत्रों के दुकानदारों के किराये व तहबजारी की बकाया को लेकर अधिक वसूली की शिकायत हुई। इसे लेकर एक समिति बनाई गई है, जो इनकी समस्याओं का निराकरण कराएगी। रूखमा खुर्द स्थित स्वास्थ्य केंद्र में बिजली पानी की समस्या भी रखी गई।
शनिवार को जिला पंचायत सभागार में मुख्य अतिथि संासद आर के सिंह पटेल व जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें पिछले बजट की शेष लगभग साढ़े 12 करोड़ रुपये की प्रस्तावित योजनाओं को आकार रूप देने की बात कही गई। अपर मुख्य अधिकारी भगत सिंह ने कहा कि अभी नया बजट नहीं आया है इसलिए पुराने शेष बजट से ही आगे के काम जारी रहेंगे।
खंडेहा सहित अन्य गांवों में पेयजल की समस्या का मुद्दा उठा। जिला पंचायत अध्यक्ष ने जल निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों से निराकरण कराने के लिए कहा है। जिले में बनाएं जा रहे 75 तालाबों को लेकर भी जिला पंचायत अर्जुन शुक्ला ने भी बात रखी।
इसमें कहा गया कि सभी जिला पंचायत सदस्यों के क्षेत्र में दो दो तालाब बनवाए जाए। जिला पंचायत के सदस्य मीरा भारती ने कहा कि मानिकपुर विकास खंड क्षेत्र के रूखमाखुर्द स्थित अस्पताल मेेें बिजली की आपूर्ति आए दिन बंद रहती है।
बैठक में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी ने बताया कि जिला पंचायत के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापारियों से लिए जाने वाले कर को लेकर मिल रही शिकायतों के निस्तारण के लिए समिति बनाई गई है।
सांसद आरके सिंह पटेल ने कहा कि जिले में ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को भी गांव की समस्याओं को लेकर ईमानदारी से बात रखनी चाहिए। किसी भी अधिकारी के दबाव में आकर कार्य न करें। वित्तीय वर्ष 2022-23 कार्य योजनाओं को लेकर विचार किया गया। बैठक मेें जिला पंचायत सदस्य प्रेमा देवी, राजरानी, प्रेमचंद्र, दशरथ प्रसाद, विमला, जगदीश, संगीता देवी, अनीता सिंह, सहित जिले के कई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।