चित्रकूट। 43.13 करोड़ के कोषागार घोटाले में नाम सामने आने पर एक पेंशनर की अग्रिम जमानत याचिका सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी है। शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्याम सुंदर मिश्रा ने बताया कि मऊ निवासी काशी नाथ त्रिपाठी का नाम घोटाले में प्रकाश में आया था। जांच में पता चला कि उनके खाते में 30 मई, 8 सितंबर और 10 सितंबर को तीन किस्तों में कुल 7,86,160 रुपये की धनराशि आई है। पेंशनर ने इस धनराशि को निकालकर उपयोग कर लिया है।अधिवक्ता के अनुसार यह धनराशि नियमित पेंशन नहीं थी और सरकारी धन का दुरुपयोग के दायरे में आती है। गिरफ्तारी से बचने के लिए काशी नाथ त्रिपाठी ने सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी। शनिवार को सुनवाई के बाद सत्र न्यायाधीश शेषमणि ने अर्जी निरस्त कर दी। पुलिस अब आरोपी पेंशनर को जल्द ही गिरफ्तार कर सकती है। संवाद