अंग्रेजों के जमाने के पैयुस्वनी रेल पुल की मरम्मत का काम झांसी की टीम ने शुरू कर दिया है। इस मार्ग पर मुंबई-हावड़ा से लेकर झांसी-कानपुर मार्ग की करीब एक दर्जन से अधिक ट्रेनें प्रतिदिन गुजरती हैं। धर्मनगरी के इस इकलौते रेलवे पुल के कमजोर होने पर कभी भी हादसा होने की संभावना बन गई थी। पुल की मरम्मत का काम दो दिन में पूरा हो जाएगा।
गौरतलब है कि धर्मनगरी के बांदा रेलमार्ग पर पैयुस्वनी नदी पर बने रेलवे पुल में हजारों नट बोल्ट लगे हैं। 13 फरवरी को झांसी से आई ब्रिज निर्माण विभाग की टीम ने सर्वे किया तो पाया था कि पुल के करीब दो हजार नट-बोल्ट कमजोर हो गए हैं। जिन्हें बदलने की जरूरत है।
हालांकि कर्वी के पीडब्ल्यूआई एसजे सिंह इसे गंभीर मामला नहीं मान रहे थे। यहां तक कि पहले उन्होंने कहा था कि पुल कमजोर नहीं हुआ है लेकिन जब झांसी से आई टीम ने इसकी जानकारी तो उन्होंने पुल की मरम्मत जल्द कराने की बात कही थी।
गुरुवार को उत्तर मध्य रेलवे झांसी से आई टीम ने इस पुल के कमजोर नट बोल्ट को काटकर नया लगाना शुरू कर दिया। जेनरेटर के सहारे चल रही मशीन से ढीले व कमजोर हो चुके बोल्ट पहले काटे गए और फिर इन्हें बदला गया। इस दौरान कई बार ट्रेन आने से काम भी बाधित हुआ। ठेकेदार कुलदीप कुमार ने बताया कि डेढ़ हजार नट बोल्ट बदले जाएंगे। इस काम में आठ मजदूर लगे हैं। दो दिन में काम पूरा हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि 14 फरवरी के अंक में अमर उजाला ने पेज नंबर पांच पर हादसे के इंतजार में रेलवे विभाग शीर्षक से प्रमुखता से खबर छापी थी। इसके बाद ही रेल अधिकारी सक्रिय हुए और मरम्मत का काम शुरू किया।