पकड़े गए पुत्री की हत्या के आरोपी माता-पिता के साथ जानकारी देते नयागांव एसडीओपी आलोक शर्मा
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धर्मनगरी के परिक्रमा मार्ग पर किशोरी की हत्याकर शव फेंक ने के आरोपी उसके मां-बाप ही निकले। एक माह बाद पुलिस ने आरोपी दंपति को दबोच लिया है। आरोपियों का कहना है कि किशोरी उनके वैवाहिक जीवन में दखलदांजी कर रही थी। आरोपी महिला पहले मुस्लिम थी। इसके बाद वह दो बच्चों को लेकर अपने हिंदू प्रेमी के साथ शादी कर जीवन यापन कर रही थी।
सीमावर्ती नयागांव सतना मप्र के एसडीओपी आलोक शर्मा व थानाप्रभारी सुधांशू त्रिवेदी ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि 13 जनवरी की रात को परिक्रमा मार्ग पर किशोरी के मिले शव की शिनाख्त सिमरन उर्फ नेहा (10) के रूप में हुई है। उसकी गला दबाकर हत्या कर शव परिक्रमा मार्ग के नरसिंह मंदिर के पास एक पाइप से टांग दिया गया था। इस हत्याकांड का खुलासा कराने के लिए दो पुलिस की टीमें लगातार सीसीटीवी फुटेज व अन्य रिकार्ड की जानकारी कर रही थी।
इसी दौरान सर्विलांस के जरिए हत्यारोपी आरती सिंह व उसके पति विजय सिंह निवासी ललौली फतेहपुर को एटा जिले से दबोच लिया गया। यह दोनों नेहा के मां-बाप हैं। पुलिस के अनुसार आरती सिंह का पहले नाम साबिन शेख था। उसका विवाह ऐंझी थाना अशोथर जिला फतेहपुर के जाहिद अली से 2007 में हुआ था। उससे उसे एक लड़की सिमरन व एक लड़का हुआ। इस बीच उसका ललौली के विजय सिंह से प्रेम प्रसंग बढ़ा और वह 2013 में वह दोनों बच्चों को लेकर भाग आई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उनकी पुत्री सिमरन (नाम परिवर्तन कर नेहा रखा गया) ने मां से विजय के साथ रहने को मना करने लगी और जाहिद से पूरी जानकारी देने की धमकी देने लगी। इसी कारण 13 जनवरी को वह बच्चों को चित्रकूट आए थे। पहले दोनों जानकीकुंड अस्पताल गए और आंख का इलाज कराया। इसके बाद गला दबाकर मार डाला। घटना के बाद से दोनों अपने गांव न जाकर रिश्तेदारों के घर घूम रहे थे। गुरुवार को दंपति को दबोच लिया गया है।