12 सीकेटीपी-13- परिचय- बारिश के बाद धान की फसल को निहारते प्रगतिशील किसान शिवकुमार । संवाद
चित्रकूट। मौसम आए बदलाव के बाद जिले में तेज हवा के साथ रूक-रूककर बूंदाबांदी हो रही है। इससे खेतों में खड़ी धान की फसल को नुकसान हुआ। किसान भी चिंतित हैं। उन्हें तेज बारिश होने से धान की फसल की खराब होने की चिंता सता रही है। जिले में 35 हजार हेक्टेयर में धान की फसल खेतों में लगी है। फसल लगभग पक कर तैयार हो गई है। कई किसानों ने फसल को काटना भी शुरू कर दिया है। बारिश होने व तेज हवा चलने से शहर के आसपास के साथ ही जिले के राजापुर, मानिकपुर, मऊ, पहाड़ी क्षेत्र में खेतों लगी धान फसल गिर गई है। जिन किसानों ने कटी फसल को खलिहान में रख दिया था। वह फसल भी गीली हो गई है।इससे किसान परेशान हैं।
धान की फसल को अधिक नुकसान
चित्रकूट। प्रगतिशील किसान शिवकुमार शुक्ला, रेवती रमन त्रिपाठी ने बताया कि इस बार खरीफ की फसल में ज्यादातर किसानों ने धान की फसल लगाई है। 35 हजार हेक्टेयर में धान की फसल लगी है। जबकि मात्र पांच प्रतिशत ही किसानों ने फसल काटी है। यदि तेज बारिश हो जाएगी तो धान की फसल पूरी तरह से खराब हो सकती है। ज्वार, बाजार की फसल को भी इससे नुकसान है। इसलिए किसान खेत में पानी नहीं भरने पाए, इसके लिए खेतों से पानी निकालने के लिए पहले से रास्ता बना दें। (संवाद)
29 तक बदली छाई रहेगी
चित्रकूट। गनीवा कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डा. अंकुर त्रिपाठी ने बताया कि 29 अक्तूबर तक बदली छाई रहेगी। इस बीच रुक-रुक कर बूंदाबांदी के साथ हल्की बारिश होगी। कृषि विभाग के कृषि उप निदेशक राजकुमार ने बताया कि बारिश होने से धान की फसल के लिए आंशिक नुकसान हुआ है। (संवाद)