साथ ही वैध प्रपत्र व जेब में पड़े रुपये भी छीन लिए। इसके बाद घटना की शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। बताया कि उसी तारीख को देर रात उसके वाहनों का फर्जी ई-चालान भी करा दिया। वाहन स्वामी के अनुसार उसने इस मामले की शिकायत कर्वी कोतवाली में की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
इसके बाद उसने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम कोर्ट के विशेष न्यायाधीश नीरज श्रीवास्तव ने प्रार्थना पत्र को स्वीकार करने के साथ कर्वी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को प्रकरण में सुसंगत धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना कराने के आदेश दिए हैं।