चित्रकूट। रामघाट स्थित मंदाकिनी नदी के नए पुल के फाटक सोमवार को खोल दिए गए। जिससे चार फुट पानी कम हो गया और सीढ़ियों में लगी काई और फिसलन से कई यात्री नदी में गिरकर घायल हो गए। नदी में गिरे यात्रियों को किसी तरह बचाकर बाहर निकाला गया। मंदाकिनी नदी पर घाट बनाने वाले ठेकदार ने दर्जनों ट्रक मिट्टी नदी में बनी सीढ़ी में डाल दिया। जिससे पानी मटमैला गंदा हो गया है। इसे लेकर संतो व समाजसेवियों ने आक्रोश जताया है।
हर सोमवार को रामघाट में मंदाकिनी स्नान व मत्यगजेंद्रनाथ स्वामी का जलाभिषेक करने के लिए हजारों श्रद्धालु एकत्र होते हैं। इस बार सुबह जब श्रद्धालु रामघाट पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर चितिंत हो गए। नया गांव मप्र. के नगर पंचायत के कर्मचारियों ने ठेकेदार से मिलीभगत कर छोेटे पुल के एक दर्जन से अधिक फाटक खोल दिए। जिससे नदी का चार फुट पानी कम हो गया। तीन सीढ़ियों के नीचे पानी होने से नहाने व पूजन के लिए जल लेने जाने वाले श्रद्धालु सीढ़ी में फिसलकर गिरे। एक दर्जन महिलाएं गिरकर घायल हुईं। कुछ श्रद्धालु तो सीधे नदी में जा गिरे जिन्हें मल्लाहों ने सुरक्षित बाहर निकाला।
यह नजारा देखने के बाद रामघाट में आक्रोशित तीर्थ पुराहित समाज के पदाधिकारियों ने बैठक की। मप्र व यूपी के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। जिसमें आरोप लगाया कि मंदाकिनी नदी में घाट बनाने के लिए ठेकेदार ने दर्जनों ट्रक मिट्टी रामघाट की सीढ़ियोें में डाल दी जिसको नहीं हटाया गया। जिससे नदी में प्रदूषण फैल रहा है। अब घाट निर्माण जल्द कराने के लिए ठेकेदार के इशारे पर नगर पंचायत के कर्मचारियों ने बांध से पटरे हटा लिए गए हैं। ज्ञापन देने के दौरान मानिकलाल तिवारी,पवन तिवारी,राजा,ज्ञान प्रकाश, लालू, छेदीलाल सोनी, केसरी प्रसाद, सूरज तिवारी व राधिका शरण आदि मौजूद रहे। सभी ने पुल के पटरे लगवाकर मंदाकिनी के जल के संरक्षण कराने की मांग की है। ठेकेदार व नगर पंचायत के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।