कसबे में करीब एक माह से बिजली संकट व्याप्त है। बमुश्किल छह घंटे आपूर्ति होने से लोग परेशान हैं, पेयजल आपूर्ति भी बाधित है। रात में बिजली गुल रहने से भीषण गर्मी में लोगों की नींद भी पूरी नहीं हो पाती। वहीं विभागीय अधिकारी ऊपर से कटौती होने की बात कहकर टाल देते हैं।
बरगढ़ में रात में बमुश्किल दो घंटे ही बिजली आती है। मुख्तार मोहम्मद, फूलचंद्र जैन, राकेश जैन आदि ने बताया कि सुबह आठ से दस बजे तक बिजली आने के दौरान भी ट्रिपिंग होती रहती है। दोपहर एक से चार बजे तक शेड्यूल होने के बाद भी आवाजाही बनी रहती है। रात में कभी दस बजे तो कभी बारह बजे बिजली आती है, एक दो घंटे बाद फिर कटौती हो जाती है। लोगों ने बताया कि बिजली न आने से पानी भी नहीं मिलता। उन्हें हैंडपंपों पर लाइन लगानी पड़ती है। विनीत केशरवानी, मो. याकूब, बिजेश जैन आदि ने बताया कि पूरा दिन पानी के जुगाड़ में बीत जाता है।
व्यापार भी प्रभावित
बिजली संकट के चलते व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। इलेक्ट्रानिक्स दुकानदार परेशान हैं। रमेश केशरवानी, रोहित, लखनलाल, छोटू आदि ने बताया कि बिजली न आने से धंधा मंदा है। लाइट आती भी है तो लो वोल्टेज के चलते कोई काम नहीं हो पाता।
फिलहाल बिजली आपूर्ति का कोई शेड्यूल नहीं है। कसबे को छह से सात घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। लो वोल्टेज की भी दिक्कत है। समाधान कब तक होगा नहीं बता सकते।
शैलेंद्र कुमार मौर्य, जेई
दो घंटे भी भरपूर बिजली नहीं मिलती। आती भी है तो वोल्टेज कम रहता है, ऐसे में टंकी भर नहीं पाती। जलापूर्ति सुचारु कैसे हो। बिजली विभाग को भी बताया लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
रामसमंदर यादव, जलसंस्थान जेई