चित्रकूट। बांदा-चित्रकूट लोकसभा सीट से भाजपा और समाजवादी पार्टी (कांग्रेस गठबंधन) के प्रत्याशी घोषित होने के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। अब लोगों की निगाहें बसपा की ओर हैं कि वह किसे चुनाव मैदान में उतारती है।
सवर्ण बहुल इस लोकसभा सीट पर भाजपा और सपा ने पिछड़े वर्ग के प्रत्याशियों पर दांव लगाया। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का यह दांव बिल्कुल सटीक बैठा था और उसे जीत हासिल हुई थी। सपा ने पिछली बार बसपा गठबंधन के साथ पूर्व सांसद श्यामाचरण गुप्त को चुनाव मैदान में उतारा था। हालांकि वे हार गए थे।
इस बार के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने फिर आरके सिंह पटेल को मैदान में उतारा है। सपा ने पूर्व मंत्री शिवशंकर सिंह पटेल को प्रत्याशी बनाया है। भाजपा और सपा ने चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता चुनाव प्रचार की रणनीति बना रहे हैं। अब लोगों को बसपा प्रत्याशी का इंतजार है। इस संसदीय सीट पर बसपा का भी जनाधार ठीक-ठाक है। जिला पंचायत के चुनाव में बसपा के ही ज्यादा प्रत्याशी जीते हैं। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बसपाई संगठन को मजबूत करने में लगे हैं।
माना जा रहा कि भाजपा और सपा के प्रत्याशियों की घोषणा के बाद बसपा ऐसे प्रत्याशी को मैदान में उतरेगी, जो सपा और भाजपा के प्रत्याशियों को टक्कर दे सके। वैसे इस सीट पर जातीय समीकरण हमेशा हावी रहा है। सवर्ण बाहुल्य सीट पर जिस प्रकार भाजपा व सपा ने दांव खेला है उससे बसपा के लिए प्रत्याशी के चयन में कुछ संकट जरूर दिखता है। फिलहाल सभी की निगाहें बसपा की ओर हैं। अब देखना यह है कि बसपा कब प्रत्याशी घोषित करती है।