चित्रकूट। जनगणना 2027 में चित्रकूट जिले के उन लोगों को भी गिना जाएगा, जो अब तक सरकारी योजनाओं से वंचित थे।
जिले में 2,271 प्रगणक और 367 पर्यवेक्षक घर-घर जाकर बेघर, निराश्रित और फुटपाथ पर रहने वाले लोगों की गिनती करेंगे, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
अपर जिलाधिकारी चंद्र शेखर बताते हैं कि जनगणना की प्रक्रिया 16 नवंबर 2026 से शुरू होगी। पहले चरण में 16 से 30 नवंबर 2026 तक स्वगणना होगी। इसके बाद मुख्य चरण 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक चलेगा।
इस दौरान प्रगणक और पर्यवेक्षक परिवारों की जानकारी जुटाएंगे। फुटपाथ, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, मंदिर की सीढ़ियों और खुले में रहने वाले लोगों को विशेष रूप से गिना जाएगा। इनमें भीख मांगने वाले बुजुर्ग, कचरा बीनने वाले बच्चे और बेघर महिलाएं शामिल होंगी। कोई भी व्यक्ति छूट न जाए, इसके लिए 5 से 9 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण कार्य किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जनगणना में जो गिना जाता है, वही योजनाओं में दिखता है। अब तक अनदेखे रहने के कारण हजारों लोग राशन, प्रधानमंत्री आवास, आयुष्मान भारत और पेंशन जैसी योजनाओं से वंचित थे।
इस बार गिनती होने से उनका डेटाबेस में नाम आएगा। इससे उन्हें भी योजनाओं का हक मिलेगा। यह जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि उन लोगों को पहचान दिलाने का प्रयास है जिनका कोई स्थायी पता नहीं है।