चित्रकूट। बहरेपन की जांच के लिए मरीजों को अब न तो गैर जनपदों तक भागदौड़ करनी पड़ेगी और न ही रुपये खर्च करने होंगे। इस जांच की सुविधा अब जिला अस्पताल में मिलेगी। इसके लिए बेरा मशीन लगाने की मंजूरी शासन से मिल गई है।
जिला अस्पताल के ईएनटी विभाग में रोजाना औसतन 100 से 150 तक मरीज आते हैं। इनमें तकरीबन 80 मरीज कान की बीमारियों से पीड़ित होते हैं। करीब 50 मरीजों को डॉक्टर बेरा जांच कराने सलाह देते हैं। जिला अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध न होने से मरीजों को गैर जनपदों तक जाना पड़ता है। यही नहीं प्राइवेट पैथोलॉजी में इस जांच के लिए 15 सौ से तीन हजार रुपये तक चुकाने पड़ते हैं। इससे मरीजों को दुश्वारियां होती थी। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बहरेपन की जांच को बेरा मशीन का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। जिसे मंजूरी मिल गई है। ऐसे में अब जिला अस्पताल में ईएनटी विभाग में बेरा मशीन लगाई जाएगी। ये मशीन लगने के बाद मरीजों की जांच आसानी से हो सकेगी। सीएमएस डॉ. शैलेंद्र कुमार ने बताया कि बहरेपन की जांच के लिए अस्पताल को बेरा मशीन स्वीकृत हुई है, हालांकि यह मशीन अभी तक आई नहीं है। जांच के लिए ईएनटी विभाग में एक साउंडप्रूफ कमरा बना है, वहां पर मरीजों की जांच होती है। नई मशीन कब आएगा यह पता नहीं है।