चित्रकूट। शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए ग्रामीण क्षेत्र के 15 परिषदीय स्कूल अब नगर क्षेत्र में शामिल होंगे। ऐसे में शहरी स्कूलों की संख्या 13 से बढ़कर 28 हो जाएगी। शिक्षकों को स्कूल चुनने के लिए नगरीय कैडर का विकल्प चुनने का अवसर दिया गया है। इससे शहरी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी, साथ शिक्षा का स्तर भी बढ़ेगा।
नगर क्षेत्र में अभी तक 13 परिषदीय स्कूल हैं। इन स्कूलों में 19 शिक्षकों की तैनाती है लेकिन शिक्षकों की कमी से शिक्षा के स्तर में सुधार नहीं हो पाया रहा है। ऐसे में बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए अब ग्रामीण क्षेत्र के 15 परिषदीय स्कूलों को नगर में शामिल करने की योजना पर तेजी से काम शुरू किया है। जल्द ही चयनित विद्यालय नगर क्षेत्र में शामिल हो जाएंगे।
नगर में शामिल होने के बाद इन स्कूलों को नगरीय विकास की सुविधाएं मिलने लगेंगी। साथ ही शिक्षकों को नगर का भत्ता मिलना शुरू हो जाएगा। शिक्षकों की कमी को भी पूरा किया जाएगा। इससे शिक्षा के स्तर में भी सुधार होने की उम्मीद है। स्कूलों की संख्या बढ़ने के साथ शिक्षकों की भी संख्या बढ़ जाएगी। अब तक करीब 140 शिक्षकों ने नगर में आने के लिए विकल्प चुना है।
-
ये विद्यालय होंगे शामिल
ग्रामीण क्षेत्र के कंपोजिट लोढ़वारा, कुंजन पुरवा, बनकट, डिलौरा, उच्च प्राथमिक विद्यालय खोह, उच्च प्राथमिक विद्यालय खोही, उच्च प्राथमिक विद्यालय चितरा गोकुलपुर, प्राथमिक खोह प्रथम अंग्रेजी माध्यम, प्राथमिक विद्यालय खोही एक व दो, चितरा गोकुलपुर, अमानपुर का प्राथमिक, अहिरनपुरवा, बनाड़ी, कपसेठी, कुली तलैया शामिल होंगे।
स्कूलों को शामिल करने की योजना बन रही है। शामिल होने के बाद शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी। साथ ही शिक्षकों की कमी भी पूरी होगी।
- शशांक शेखर शुक्ला, प्रभारी बीएसए