चित्रकूट। न्यायालय में प्रारम्भिक जांच की रिपोर्ट निर्धारित समय में न दाखिल करने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने राजापुर के उप जिलाधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस मामले में एसडीएम के विरूद्ध नोटिस जारी कर आगामी 10 अगस्त को स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
सरधुवा थाना क्षेत्र के अरछा बरेठी गांव के निवासी रामसुमेर ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय चित्रकूट के यहां प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें उसने अपने चाचा द्वारा किए गए वसीयत नामे के मामले में राजापुर तहसील के कर्मचारियों और नायब तहसीलदार पर गांव के कुछ लोगों से मिलकर साजिश करते हुए खतौनी में फर्जी तरीके से नाम दर्ज कराने और जमीन का बैनामा अवैध रूप से कराने का आरोप लगाया था। इस मामले में इलाकाई पुलिस द्वारा कोई सुनावाई न किए जाने पर पीडित ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने प्रार्थना पत्र का अवलोकन करने के बाद इस मामले में राजापुर उप जिलाधिकारी को स्वयं प्रारम्भिक जांच करते हुए 10 दिन के अन्दर न्यायालय में आख्या प्रस्तुत करने के आदेश 8 जून को दिए थे।
इसके बावजूद अब तक न्यायालय में आख्या न आने पर सीजेएम सूर्यकान्तधर दुबे ने राजापुर एसडीएम प्रमोद कुमार झा को स्पष्टीकरण के लिए तलब किया है। स्मृति पत्र भेजने के बाद भी आख्या प्रस्तुत न करने को न्यायालय के आदेश की अवमानना के तहत नोटिस जारी करते हुए एसडीएम राजापुर से कहा गया है कि क्यों न उनके विरूद्ध कार्रवाई अमल में लाते हुए विधिक अनुसार दंडित किया जाए। इस मामले में आगामी 10 अगस्त को पत्रावली को स्पष्टीकरण के साथ पेश करने को कहा गया है।