डीजल की कीमतें लगातार कम होने के बाद भी बसों का
किराया जस का तस है। इससे यात्रियों में रोष है। यात्रियों का कहना है कि
डीजल का दाम बढ़ने पर तुरंत किराया बढ़ा दिया जाता है, किंतु कई बार दाम कम
होने के बाद किराया नहीं घटाया गया।
छह माह पहले मंडल में डीजल की
कीमत 64.92 रुपये लीटर थी, अब डीजल 51.40 रुपये लीटर है। छह महीने में
लगभग तेरह रुपये लीटर की गिरावट के बाद भी बसों का किराया नहीं घटाया जा
रहा है। यात्रियों की मांग है कि रोडवेज बसों के साथ ही प्राइवेट बसों का
किराया भी कम किया जाए।
राजापुर-पहाड़ी-कर्वी रूट पर 27 बसें चलती
थीं। सात बसें खराब होने के कारण अब बीस बसें ही चल रही हैं। इनके अलावा
बोड़ी पोखरी, गनीवां और पहाड़ी को 40 जीपें भी चलती हैं। इस रूट पर रोडवेज
की बसें न चलने से निजी बसों का ही सहारा है। कर्वी से राजापुर की दूरी 30
किमी है।
इस समय बस से राजापुर से कर्वी तक का किराया 30 रुपये
हैं। जीपों चालक 40 रुपये तक वसूल रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि जब
रोडवेज बसों में किराया 80 पैसे प्रति किमी की दर से लिया जाता है तो निजी
बसों में एक रुपये प्रति किमी की दर से क्यों वसूला जाता है। यात्रियों का
कहना है कि रोडवेज को भी अपना किराया घटाना चाहिए।