राजकीय जिला पुस्तकालय में अव्यवस्था का अंबार है। पाठकों के लिए न तो कुर्सियां हैं और न ही बिजली कनेक्शन। लाइब्रेरी में इक्का-दुक्का लेखकों की किताबें ही हैं। पाठकों ने कई बार यहां सुविधाएं बढ़ाने की मांग की लेकिन ध्यान नहीं दिया गया।
नगर पालिका परिषद के पास सूचना विभाग कार्यालय परिसर में बने राजकीय जिला पुस्तकालय में अच्छे लेखकों की किताबों की कमी है। लाइब्रेरी में कुर्सियां और टेबिल न होने के कारण लोग जमीन पर बैठकर किताबें पढ़ते हैं। यहां तैनात दो कर्मचारी लाइब्रेरी खोलने और बंद करने की औपचारिकता पूरी कर रहे हैं।
पुस्तकालय भवन में बिजली कनेक्शन न होने से कूलर और पंखे शोपीस बने हैं। वहीं दिन ढलते ही परिसर में स्मैकियों और अराजकतत्वों का जमावड़ा लग जाता है। उधर, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे सुशील कुमार, दिनेश, राकेश शुक्ला, अंशुमान सिंह आदि ने बताया कि लाइब्रेरी में गिनी चुनी किताबें होने से परीक्षा संबंधी तैयारी करने में मुश्किल हो रही है।
प्रशासनिक अधिकारी भी लाइब्रेरी की सुविधाओं पर गौर नहीं कर रहे। उधर, जिला विद्यालय निरीक्षक प्रेम प्रकाश मौर्य ने बताया कि किताबों और फर्नीचर आदि के लिए शासन को पत्र भेजकर बजट मांगा है। बिजली कनेक्शन के बाबत कहा कि पूर्व में उन्होंने पावर कारपोरेशन अधिशासी अभियंता से अनुरोध किया था। अब पत्र लिखकर कनेक्शन के लिए कहेंगे।