तीन दिन पूर्व आई आंधी और बारिश के कारण ध्वस्त हुई विद्युत व्यवस्था अभी पटरी पर नहीं आ सकी है। करीब पचीस गांवों की बिजली अभी भी गुल है। विभाग के अनुसार विद्युत पोल लगाने और तार खींचने में अभी चौबीस घंटे और लग जाएंगे। तब कहीं जाकर बिजली आपूति सुचारु हो सकेगी।
शनिवार को आई तेज आंधी और बारिश के दौरान कई जगह विद्युत पोल और तार टूट गए थे। गनीवां फार्म से बूढ़ा सेमरवार तक के गांवों के बीच पैंतीस खंभे गिर गए थे। इसके चलते तीन दिन से पचीस गांवों में अंधेरा है। विद्युत विभाग का कहना है कि अभी व्यवस्था सुधरने में एक दिन और लग सकता है। विद्युत कर्मी युद्धस्तर पर कार्य करने में जुटे हैं।
यहां है आपूर्ति बाधित
गनीवां, व्यासबन्ना, उन्नायबन्ना, हरदौली, डहिया, कंधवनिया, देहरुच माफी, बघवारा, भुजौली, सिंहपुर, घुरेहटा, मगरही, नांदी, तौरा, खरसेड़ा समेत 25 गांवों के लोग बिजली न आने से गर्मी में परेशान हैं। वहीं पेयजलापूर्ति भी बाधित है।
ठेके पर दिया गया काम
एसडीओ आशीष कुमार ने बताया कि ठेकेदार एसपी सिंह को काम सौंपा गया है। खंभे और तार गिरने से लगभग ढाई लाख का नुकसान हुआ है। इतना ही खर्च आपूर्ति दुरुस्त करने में लगेगा। जेई एसके मौर्या ने बताया कि एक खंभे की कीमत लगभग 45 सौ रुपये है। खेतों में पानी भरा होने से खंभे लगाने में असुविधा हो रही है। अगर मौसम ने साथ दिया तो मंगलवार शाम तक आपूर्ति चालू हो जाएगी। सोमवार दोपहर तक पंद्रह खंभे खड़े कर दिए गए थे।
राजापुर में भी बिजली की किल्लत
राजापुर। यहां भी तिरहार क्षेत्र के इलाकों में तीन दिन से बिजली नहीं है। ऐसे में लोग बिजली और पानी के लिए परेशान हैं।