मऊ (चित्रकूट)। भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में विकासखंड मऊ के नेवरा गांव स्थित ऐतिहासिक दशरथ घाट के दिन बहुरने वाले हैं। पर्यटन विभाग ने इस घाट को नया रूप देने का बीड़ा उठाया है।
यह घाट मान्यता के अनुसार राजा दशरथ की तपस्या से जुड़ा है। स्थानीय बुजुर्ग बताते हैं कि यहां स्नान का विशेष महत्व है, लेकिन वर्षों से यहां न बैठने की व्यवस्था थी, न शौचालय और न ही रोशनी। श्रद्धालुओं को खुले में ही समय बिताना पड़ता था। इसी को देखते हुए पर्यटन विभाग ने घाट के समग्र विकास की योजना तैयार की है।
योजना के तहत घाट पर आधुनिक शौचालय ब्लॉक बनाया जाएगा, जिससे महिला श्रद्धालुओं को विशेष सहूलियत मिलेगी। धूप और बारिश से बचने के लिए यात्री शेड लगाए जाएंगे। घाट का प्रवेश द्वार भव्य बनाया जाएगा। पूरे परिसर में स्टोन फ्लोरिंग और इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाई जाएंगी ताकि कीचड़ से निजात मिल सके। परिसर में सोलर हाईमास्ट लाइटें लगेंगी, जिससे घाट रात में भी जगमगाएगा। बैठने के लिए पत्थर की बेंच लगाई जाएंगी।
पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने नेवरा पहुंचकर विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को गुणवत्ता से समझौता न करने और समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। विभाग का मानना है कि घाट विकसित होने के बाद यह चित्रकूट का नया पर्यटन केंद्र बनकर उभरेगा और रामघाट पर बढ़ते दबाव को भी कम करेगा।