गुरुवार को बारिश रुकने से मुख्यालय वासियों को जरूर कुछ राहत मिली है लेकिन मानिकपुर, राजापुर व मऊ क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं है। हाइवे पर टूटी पुलिया अब तक नहीं बन पाई जिससे बाई पास मार्ग से ही यातायात संचालन हुआ। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से आधा दर्जन गांवों का संपर्क मुख्यालय से कट गया। एनडीआरएफ की टीम ने
लगातार दूसरे दिन मानिकपुर के चमरौंहा व सकरौंहा गांव में राहत कार्य जारी रखा। बारिश के चलते मानिकपुर के आधा दर्जन गांव का संपर्क कटने के बाद डीएम मोनिका रानी ने एनडीआरएफ की टीम बुलाई। बुधवार की सुबह से लेकर शाम तक टीम ने सकरौंहा गांव में फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।
इसके अलावा रानीपुर, कल्याणगढ़ व गिदुरहा में फंसे लोगों को नाव व ट्रैक्टर से निकाला गया। गुरुवार सुबह फिर एनडीआरएफ की टीम के सदस्य चमरौंहा गांव पहुंचे लेकिन चारों तरफ पानी भरा होने के कारण टीम भटकती रही। दोपहर बाद टीम अपनी नाव से गांव तक पहुंची तो लोगाें को राहत मिली।
दोपहर बाद ही मानिकपुर क्षेत्र में फिर मूसलाधार बारिश होने लगी जिससे राहत कार्य बाधित हो गया। मानिकपुर- मझगवां मार्ग पर स्थित इटवा डुडैला के मछरिहा बांध में पानी ओवरफ्लो होने के बाद बांध टूट गया। जिससे बांध का पानी सड़क व बस्ती तक पहुंच गया।
मानिकपुर एसडीएम रामसकल मौर्य ने बताया कि बचाव व राहत कार्य जारी हैं। बारिश होने के कारण बाढ़ में फंसे लोगों को भोजन पहुंचाने में देरी हुई है। शुक्रवार तक सभी प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाई जाएगी।
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भारी वाहनों के आवागमन पर रोक
हाइवे पर मिट्टी धसकने से अहिरी व सुरौंधा पुलिया पर भारी वाहनों का आवागमन बंद है। सुरौंधा नाले की पुलिया के पास सड़क पूरी तरह धंस गई है। मऊ एसडीएम राममूर्ति त्रिपाठी ने बताया कि मार्ग को सही कराने का प्रयास किया जा रहा है। दोनों पुलिया के बीच अब कोई वाहन नहीं फंसा है। भारी वाहनों का मार्ग राजापुर व बाया कौशांबी किया गया है।
मंदाकिनी का जलस्तर कम होने के बाद अब यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। राजापुर क्षेत्र के आधा दर्जन गांव का संपर्क तहसील मुख्यालय से कट गया है। बेराउर, अर्की व पनौटी के हालात में ज्यादा सुधार नहीं है।
इसी प्रकार मऊ क्षेत्र के मवई, परदवां, बरियारी, बरवार, टिकरा व पूरबपताई गांव का संपर्क तहसील मुख्यालय से कट गया है। इन गांव में नाव के सहारे ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा रहा है। मऊ व राजापुर प्रतिनिधियों के अनुसार यदि जलस्तर बढ़ता रहा तो कई गांवों में पानी घुसकर तबाही मचा सकता है।