फोटो-35- नवजात की मौत के बाद एंबुलेंस से मानिकपुर जाती प्रसूता व उसके परिजन
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चित्रकूट/मानिकपुर। मानिकपुर सीएचसी व मऊ सीएचसी में जन्मे दो बच्चों की जिला अस्पताल पहुंचने पर मौत हो गई। परिजनों ने सीएचसी के डॉक्टरों व स्टाफ पर इलाज में देरी करने का आरोप लगाया है। वहीं दोनों सीएचसी प्रभारियों ने आरोपों को गलत बताया है।
मानिकपुर तहसील क्षेत्र के बगदरी गांव के रामसजीवन की पत्नी संतोषी को प्रसव पीड़ा उठने पर शनिवार देर रात सीएचसी में भर्ती कराया था। परिजनों ने बताया कि संतोषी हालत बिगड़ रही थी लेकिन डॉक्टर ध्यान नहीं दे रहे थे। शनिवार रात ही उसने एक बच्ची को जन्म दिया। हालत खराब होने पर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
रविवार सुबह बच्ची की मौत हो गई। वहीं मऊ तहसील क्षेत्र के कटैया खादर गांव निवासी सुशील की पत्नी अंतिमा को प्रसव पीड़ा होने पर सास गुड़िया ने शनिवार रात मऊ सीएचसी में भर्ती कराया। अंतिमा ने एक बच्चे को जन्म दिया लेकिन थोड़ी देर बाद ही उसकी व बच्चे की हालत बिगड़ने लगी।
जिस पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। रविवार सुबह बच्चे की मौत हो गई। दोनों ही मामलों में परिजनों ने सीएचसी के डॉक्टरों व स्टॉफ के लोगों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मानिकपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि मौजूदा स्टाफ से जानकारी ली गई है। दोनों नवजातों का समय पूर्व जन्म हुआ था। जिससे उनकी मौत हो हुई। मऊ सीएचसी प्रभारी डॉ. शेखर वैश्य ने बताया कि इलाज में लापरवाही का आरोप गलत है। इस संबंध में किसी भी पक्ष ने कोई लिखित शिकायत नहीं की है।