चित्रकूट। पितृ विसर्जनी अमावस्या पर शनिवार को आस्था का महासंगम होगा।
पितृ पक्ष के अंतिम दिन पूर्वजों को जलतर्पण और पिंडदान करने के लिए पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। एक दिन पहले से ही ट्रेनों से भरकर श्रद्धालु मेला क्षेत्र में डेरा डालने लगे हैं।
मान्यता है कि वनवास काल में भगवान श्रीराम ने यहीं मंदाकिनी नदी में पिता दशरथ का जल तर्पण किए था। इसी कारण पितृ अमावस्या का विशेष महत्व है। पितृ विसर्जनी पर यहां तर्पण का फल सौ गुना माना जाता है।
श्रद्धालु काले तिल, कुश और जौ से पितरों को जल देकर विदा करते हैं। वे अपने पूर्वजों से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगते हैं। मेला क्षेत्र में अवरोधक लगाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
भारी वाहनों के प्रवेश पर रात 12 बजे तक रोक
मेला क्षेत्र में बड़े वाहनों का प्रवेश शाम 5:30 बजे से रात 12 बजे तक बंद रहेगा। आपातकालीन और आवश्यक सामान वाले वाहनों को इस नियम से छूट मिलेगी। भारी वाहनों को लोढ़वारा मोड़, रेहुटा क्रॉसिंग और खोह तिराहा पर रोका जाएगा। शेषनपुरवा और बेड़ी पुलिया पर भी इन वाहनों को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा।