धर्मनगरी के रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण के साथ ही अब रेल पटरियों के सुधार का काम तेजी से जारी है। प्लेटफार्म नंबर एक की लगभग छह सौ मीटर लंबी पटरियां उखाड़कर गिट्टी समेटने का काम बुधवार को हुआ। इस कारण स्टेशन से सभी ट्रेनें दो व तीन नंबर प्लेटफार्म से गुजारी जा रहीं हैं। यात्री ट्रेन आने के समय यात्री फुट ब्रिज का प्रयोग बेहद कम करते हैं। जल्दबाजी में एक नंबर से पटरी पर कूदकर दो व तीन नंबर प्लेटफार्म की ओर जाते हैं। स्टेशन मास्टर ट्रेन आने के समय लगातार लाउडस्पीकर से एनाउंस कर यात्रियों को सचेत भी करते हैं लेकिन लोग नहीं मान रहे हैं। उत्तर मध्य रेलवे झांसी ने स्टेशनों के साथ रेल पटरियों को मजबूत बनाने के लिए पूरे मंडल के चार स्टेशनों के प्लेटफार्म की पटरियों का मार्ग आरसीसी का बनवाने का निर्णय लिया है। महानगरों के स्टेशनों की तर्ज पर अब यहां के प्लेटफार्म की पटरियां आरसीसी पर बिछाई जाएगी। एआर कंस्ट्रक्शन के मैनेजर चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि लगभग दो माह तक यह काम चलेगा।
किसी ट्रेन के आवागमन पर प्रभाव नहीं
चित्रकूट। स्टेशन अधीक्षक आरएम पांडेय ने बताया कि इस निर्माण के दौरान सभी सावधानी रखी जा रही है। फिलहाल किसी ट्रेन के आवागमन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। नानस्टाप मालगाड़ी निकालते समय जरूर कुछ परेशानी होती है। एक नंबर प्लेटफार्म फिलहाल बाधित रहेगा। जिसकी लगातार यात्रियों को सूचना दी जाती है। इसके निर्माण से स्टेशन परिसर पर स्वच्छता अभियान और प्रभावी दिखेगा।
क्या है योजना
चित्रकूट। महानगरों के रेलवे स्टेशन की तर्ज पर पहले सीसी सड़क जैसी लेन बनेगी। इसके बाद स्लीपर बिछाकर पटरियों को नट बोल्ट से कसा जाएगा। इसी तरह प्लेटफार्म नंबर दो की भी पटरी हटाकर निर्माण होगा। दरअसल इसका मकसद यह है कि जब स्टेशन पर ट्रेन खड़ी होती है तो शौचालय की गंदगी पटरी पर होती है। रेल पटरी व गिट्टी के बीच स्लीपर फंसे होने के कारण सफाई सही तरीके से नहीं हो पाती और बदबू बनी रहती है। ठेका लेने वाले कंपनी के मैनेजर के अनुसार जब दोनों ओर आरसीसी पर पटरी बिछ जाएगी तो दोनों के बीच कुछ दूरी पर नाली भी बनाई जाएगी। जिससे सफाई करने पर तत्काल गंदगी पटरी से बाहर हो जाएगी।