नगर के डीएवी इंटर कालेज में हिंदी विषय की परीक्षा देतीं हाईस्कूल की छात्राएं।
निजी प्रकाशक की गलती का खामियाजा जिले में लगभग एक सैंकड़ा स्टूडेंटों को झेलना पड़ा। गलत डेट सीट के चलते स्टूडेंटों की गृहविज्ञान व गणित विषय की परीक्षा छूट गई। वहीं अधिकारियों का कहना है कि जब स्टूडेंटों के प्रवेशपत्र में डेटशीट छपी है, तो उन्होंने बाजार से खरीदी ही क्यों।
यूपी बोर्ड विभाग की ओर से जारी डेटशीट में सोमवार 20 मार्च को हाईस्कूल की प्रथम पाली में गणित व गृहविज्ञान की परीक्षा थी। जबकि निजी प्रकाशक की डेटशीट में यह परीक्षा शाम की पाली में दिख रही थी। पहाड़ी के पालेश्वर नाथ इंटर कालेज राजापुर के छात्र पप्पू ने बताया कि वह निजी प्रकाशक की डेट शीट के अनुसार शाम की पाली में परीक्षा देने गया था। जब सेंटर पर पहुंचा तो बताया गया कि परीक्षा सुबह ही हो गई है। इसी प्रकार नोनार के कैलाश ने बताया कि उसकी भतीजी शांति व नातिन वंदना भी गलत डेटशीट के कारण गृहविज्ञान की परीक्षा नहीं दे पाईं।
इन सभी ने बताया कि उन्होंने पहाड़ी कस्बे की एक दुकान से टाइम टेबुल खरीदा था। जिसमें स्पष्ट छपा है कि गणित व गृहविज्ञान की परीक्षा 20 मार्च को दूसरी पाली में है। इस मामले में परीक्षा केंद्र प्रभारी योगेंद्र मिश्रा ने बताया कि बाजार में प्राइवेट प्रकाशकों के छपे टाइम टेबुल में बोर्ड के टाइम टेबुल से अंतर है। इस कारण आज उनके कें द्र में 43 स्टूडेंटों की परीक्षा छूट गई। इसमें बोर्ड कार्यालय या जिला प्रशासन कुछ नहीं कर सकता।
यह तो छात्रों की ही गलती है। इस मामले में डीआईओएस आनंद प्रकाश शर्मा ने बताया कि इस बार बोर्ड ने सभी के प्रवेश पत्र में भी समय सारिणी टाइप कर भेजी थी। छात्रों को प्राइवेट सारिणी की बजाए विभाग के टाइम टेबुल से ही परीक्षा देने जाना चाहिए। आगे की परीक्षाओं में भी छात्र सिर्फ प्रवेश पत्र में दिए गए दिनांक के हिसाब से ही संबधित विषय की परीक्षा देनें पहुंचे। किसी निजी प्रकाशक के जारी टाइम टेबुल में बोर्ड कार्यालय के टाइम टेबुल में अंतर है तो इसके लिए बोर्ड कार्यालय जिम्मेदार नहीं है। संबधित प्रकाशक का जारी टाइम टेबुल कार्यालय में आया तो उसे बोर्ड कार्यालय में सूचनार्थ भेजा जाएगा।