पुरुषोत्तम मास की अमावस्या को 10 से 12 लाख
श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में डुबकी लगाई। यूपी और एमपी प्रशासन की मेले को
लेकर व्यवस्थाएं चाक चौबंद दिखीं।
प्रशासन के आला अधिकारियों ने
समय-समय पर मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं। श्रद्धालुओं का
तांता बुधवार से ही लग गया। एमपी और यूपी दोनों राज्यों सहित राजस्थान,
महाराष्ट्र, बंगाल, गुजरात आदि राज्यों के लाखों श्रद्धालुओं ने तीर्थ
क्षेत्र में मंदाकिनी नदी में स्नान कर कामतानाथ के दर्शन किए और कामदगिरि
की परिक्रमा लगाई।
पुरुषोत्तम मास की अमावस्या को लेकर शुक्रवार को
तीर्थ क्षेत्र में मेले में लाखों श्रद्धालु पहुंचे। बेड़ी पुलिया से
रामघाट को जाने वाले मार्ग पर भक्तों का तांता लगा रहा। गुरुवार शाम तक
श्रद्धालुओं का आना जारी रहा। अमावस्या मेले पर आए श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी
में स्नान कर महाराजाधिराज मत्यगयेंद्र नाथ स्वामी का जलाभिषेक किया।
श्रद्धालुओं ने कामतानाथ के दर्शन कर कामदगिरि की परिक्रमा लगाई।
किसानों
ने कामतानाथ से खरीफ की फसल में अच्छी पैदावार देने की मनोकामना की। दिन
भर चले मेले में जहां भक्त भक्ति में मग्न हो परिक्रमा कर रहे थे। इंद्र
देव ने भी भक्तों पर कृपा रखते हुए दिन भर हल्की-हल्की बारिश की बूंदे
गिराते रहे। ऐसे खुशनुमा मौसम को लेकर भक्त इंद्र के जयकारे लगाते भी देखे
गए।
मेले को लेकर यूपी और एमपी का प्रशासन चौकस रहा। सतना
जिलाधिकारी संतोष मिश्रा और एसपी संजय कुमार ने कामतानाथ मंदिर के प्रमुख
द्वार पर पहुंचकर मेले की व्यवस्थाएं देखी। श्
रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखकर डीएम ने सुरक्षा में मौजूद अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देकर वहां की व्यवस्था को संभाला।
उधर
डीएम चित्रकूट नीलम अहलावत और एसपी पवन कुमार ने भी मेला क्षेत्र में
पहुंचकर व्यवस्थाएं देखी। एसपी ने दोपहर में श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर
टेंपो चालकों पर्यटन बंगला से आगे तक जाने देने के निर्देश दिए।
एमपी
क्षेत्र में पडने वाले परिक्रमा मार्ग में सवेरे लगभग 3 बजे एकाएक बिजली
चली जाने से श्रद्धालुओं को अंधेरे में परिक्रमा करनी पड़ी ऐसे में
श्रद्धालु परेशान नजर आए।
लाइट चली जाने से परिक्रमा मार्ग में
मेले के दौरान जनरेटर व्यवस्था होने की जरूरत महसूस हुई। बाद में दिन में
व्यवस्था देखने आए सतना जिलाधिकारी को नयागांव थाने के एसडीओ पीएल अवस्थी
ने इस समस्या से अवगत कराकर आगे से मेले में जनरेटर व्यवस्था की उपलब्ध
कराने की बात कही।